विश्व में महामारी के रूप में फैले कोरोना वायरस को लेकर अब उच्चतर शिक्षा विभाग ने सभी कॉलेजों व विश्वविद्यालयों को पत्र जारी किया है। पत्र में कोरोना वायरस को लेकर सतर्क रहते हुए विद्यार्थियों व लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने कॉलेजों व यूनिवर्सिटी के एनएसएस व एनसीसी के विद्यार्थियों के जरिये जागरूकता अभियान चलाने के लिए भी कहा है। पत्र में कोरोना वायरस से बचाव व इसके लक्षण के बारे में भी बताया गया है।
कोरोना के प्रारंभिक लक्षण
- बुखार, खांसी, सांस लेने में दिक्कत होना, यह सभी या इनमें से कोई लक्षण हो सकता है।
- निमोनिया और सांस लेने में बहुत ज्यादा मुश्किल हो सकती है। कुछ दुर्लभ मामलों में इसका संक्रमण जानलेवा भी हो सकता है।
- इसके लक्षण सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे होते हैं, इसीलिए टेस्ट करना जरूरी होता है ताकि पुष्टि हो सके कि संक्रमण कोरोना वायरस यानी कोविड-19 का ही है।
कोरोना वायरस से बचाव के उपाय
- अपने हाथों को बार-बार साबुन से धोएं।
- किसी से बातचीत करते समय कम-से कम एक मीटर की दूरी बनाए रखें।
- खांसी आने या छींक आने पर अपनी मुड़ी हुई कोहनी या टिशू पेपर से मुंह और नाक को ढक ले।
- बुखार, खांसी या सांस लेने में कठिनाई हो रही है तो चिकित्सक से जांच करवाएं।
-स्वच्छता बनाए रखना बहुत महत्वपूर्ण है। भीड़भाड़ वाले इलाकों से बचें। आप मास्क भी पहन सकते हैं।
शिक्षण संस्थानों में सिंगल यूज प्लास्टिक भी बंद करने के निर्देश
वहीं, एक अन्य पत्र में उच्चतर शिक्षा विभाग ने कॉलेज व यूनिवर्सिटी में सिंगल यूज प्लास्टिक व पॉली विनाइल क्लोराइड से बनी वस्तुओं के रोकथाम के आदेश दिए हैं। संस्थानों को प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन की व्यवस्था कर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने में भूमिका निभानी होगी।
महिला दिवस पर आयोजित करने होंगे कार्यक्रम
वहीं, एक अन्य पत्र में उच्चतर शिक्षा विभाग ने महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए सभी कॉलेजों व यूनिवर्सिटी में 1 मार्च से 7 मार्च तक विभिन्न गतिविधियों का आयोजन करवाने के निर्देश दिए हैं। इसमें संस्थान की महिलाओं व छात्राओं को शामिल करना होगा और साथ ही गतिविधियों की फोटो विभाग के पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।
उच्चतर शिक्षा विभाग ने 4 मार्च को पत्र जारी कर कोरोना वायरस से बचने के लिए व सिंगल यूज प्लास्टिक को बंद करने के लिए पत्र जारी किया है। संस्थानों को एनएसएस और एनसीसी के माध्यम से लोगों को कोरोना वायरस के प्रति जागरूक करना होगा।
डॉ. सत्य सुरेंद्र सिंगला, निदेशक, इंपीरियल कॉलेज हिसार।