हिसार। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) के छात्रों को अब भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में भी नौकरी या अपना काम शुरू करने में कोई कठिनाई नहीं होगी। यहां के छात्र भी अब ड्रोन की पढ़ाई करेंगे। छह माह का कोर्स कर विद्यार्थी ड्रोन उड़ाने से लेकर मरम्मत करना सीखेंगे।
ड्रोन की नई तकनीक के क्षेत्र में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर निरंतर बढ़ रहे हैं। इसको लेकर ड्रोन क्षेत्र में विद्यार्थी अपना भविष्य संवार सकेंगे। कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग की ओर राजकीय आईटीआई में विद्यार्थियों को जल्द ड्रोन उड़ाने से ड्रोन की मरम्मत का प्रशिक्षण मिलेगा। तकनीकी विभाग की ओर से ड्रोन टेक्नीशियन ट्रेड की 24 सीटें निर्धारित की गई हैं, जिनमें से 14 सीटों पर दाखिले हो चुके हैं। इस ट्रेड के विद्यार्थी ड्रोन तकनीक की गहराई से पढ़ाई करेंगे।
गौरतलब है कि जिले में अभी तक आईटीआई जैसे संस्थानों में ड्रोन को लेकर कोई कोर्स व पढ़ाई नहीं होती थी। मगर अब विद्यार्थी ड्रोन कोर्स में दाखिला लेकर नए जमाने के रोजगार से जुड़ सकेंगे। इसमें रिमोटली पाइलेटेड एयर क्राफ्ट (आरपीए), ड्रोन टेक्नीशियन, बनाने का प्रशिक्षण योजना (सीटीसी), ड्रोन पायलट व ट्रेड में कोर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करने की ट्रेनिंग दी जाएगी।
आईटीआई में बनेगी ड्रोन लैब
आईटीआई में ड्रोन का कोर्स शुरू होने से पहले यहां प्रयोगशाला तैयार की जाएगी। वहीं ड्रोन व ड्रोन के पार्ट मंगाए जाएंगे। इसके सहारे विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल करके समझाया जा सकेगा। ड्रोन की पढ़ाई कर एक्सपर्ट टेक्नीशियन बनने वाले विद्यार्थियों को ड्रोन बनाने की विभिन्न कंपनियों में रोजगार मिलेगा। किसान आने वाले समय में ड्रोन से फसलों की पहचान, जमीन के रिकॉर्ड व कीटनाशक के छिड़काव का काम भी कर सकेंगे। रक्षा और यातायात सेक्टर में भी तकनीशियन योगदान दे सकेंगे।
13 सितंबर से तीसरी काउंसिलिंग
राजकीय कॉलेज के मैथ इंस्ट्रक्टर एवं एडमिशन कमेटी सदस्य प्रवेश कुमार ने बताया कि अभी दो काउंसिलिंग पूरी हो चुकी है। इस दौरान 14 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया। अब रिक्त 10 सीटों के लिए तीसरी काउंसिलिंग 13 सितंबर को होगी। इस दौरान डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन होगी। विद्यार्थियों को अपने ऑरिजनल डॉक्यूमेंट साथ लाने अनिवार्य हैं।