एचएयू से खाद-बीज व अन्य तरह के उत्पाद अब डेबिट कार्ड से भी खरीदे जा सकेंगे। विश्वविद्यालय ने प्लास्टिक मनी को बढ़ावा देने के लिए यह पहल की है। इसके लिए एचएयू जल्द ही 8 नई डेबिट कार्ड मशीनें खरीदेगी। इसके बाद धीरे-धीरे इसका दायरा बढ़ाया जाएगा। इन मशीनों पर किसान डेबिट कार्ड का इस्तेमाल कर बीज व अन्य सामान खरीद सकेंगे।
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति केपी सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार के नोटबंदी के फैसले के मद्देनजर डेबिट कार्ड मशीन लगाने का फैसला लिया गया है। इससे हमारे किसानों को फायदा होगा और किसानों को कैश की कमी के चलते भी बीज व अन्य उत्पाद मिल सकेंगे। उन्होंने कहा कि पूरे विश्वविद्यलाय में ही कैशलेस सिस्टम पर जोर दिया जाएगा। इसी सप्ताह में डेबिट कार्ड मशीनों का इस्तेमाल शुरू हो जाएगा। वहीं विद्यार्थियों की फीस भी कैशलेस लेने की योजना बनाई जा रही है।
किसानों का करेंगे सहयोग
डेबिट कार्ड के माध्यम से एचएयू से उत्पाद खरीदने वालों का विश्वविद्यालय के कर्मचारी सहयोग करेंगे। यही नहीं एचएयू के कर्मचारी बीज व अन्य उत्पाद लेने के लिए आने वाले लोगों को कैशलेस मनी के लिए जागरूक भी करेंगे।
चार मशीनें एचएयू में चार अन्य केंद्रों पर
एचएयू अपने कैंपस में 4 डेबिट कार्ड मशीनें लागाएगा। ये मशीनें मुख्य बीज विक्रय केंद्र के अलावा फार्म जैसे केंद्रों पर लगाई जाएंगी जहां से एचएयू के उत्पादों की अधिक बिक्री होती है। बाकि की चार मशीनें विश्वविद्यालय के बाहरी केंद्रों पर लगाई जाएंगी जिनमें आरडीएस फार्म भी शामिल है।
विद्यार्थियों की फीस भी ली जाएगी कैशलेस
विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों से भी भविष्य में फीस बिना नकदी के ही ली जाएगी। विद्यार्थियों को ऑनलाइन या डेबिट कार्ड के माध्यम से फीस का भुगतान करना होगा। इसके लिए योजना बनाई जा रही है।