तोशाम रोड पर स्थित नोबल अस्पताल के संचालक डॉक्टर का अपहरण होने पर पुलिस ने उसे 24 घंटों के भीतर उन्हें छुड़ा लिया है। इसके अलावा पुलिस ने एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया है।
आरोपियों ने डॉक्टर का अपहरण कर अस्पताल के कर्मी को फोन कर 10 लाख रुपये फिरौती मांगी थी। मामले में सिविल लाइन थाना पुलिस ने शुक्रवार को अस्पताल के कर्मचारी फतेहाबाद के नांगली निवासी राहुल की शिकायत पर केस दर्ज किया था। पुलिस को दी शिकायत में राहुल ने बताया था कि वीरवार रात करीब 10 बजे नोबल अस्पताल संचालक डॉ. संजय मित्तल अपनी गाड़ी में सवार होकर घर के लिए निकले थे। राहुल ने शिकायत में बताया था कि रात करीब 12 बजकर 48 मिनट पर और एक बजकर 18 मिनट पर उसके मोबाइल पर डॉ. संजय मित्तल के मोबाइल से फोन आया। फोन करने वाले शख्स ने कहा कि वह राजा पातन बोल रहा है। राहुल ने बताया कि फोन करने वाले शख्स ने उसे कहा कि डॉ. संजय मित्तल का उसने और सतीश नलोई ने अपहरण किया है। इस दौरान आरोपियों ने डॉक्टर संजय की सलामती पर उसे 10 लाख रुपये का प्रबंध करने की बात कही। आरोपियों ने राहुल को कहा कि अगर इस बारे में पुलिस को या अन्य को सूचना दी तो डॉ. संजय को जान से मार देंगे। आरोपियों ने राहुल को कहा कि रुपये कहां पहुंचाने हैं, इस बारे में भी वह उसे बता देंगे।
टीमों का गठन कर की कार्रवाई
राहुल के पास शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे डॉ. संजय मित्तल के नंबर से फोन आया और कहा कि आधार अस्पताल के पास रुपये लेकर पहुंच जाओ। इसके बाद राहुल 10 लाख रुपये लेकर सिविल लाइन थाना पहुंचा। मामला संज्ञान में आते ही एसपी बलवान सिंह राणा ने डीएसपी राजबीर सैनी के नेतृत्व में सीआईए, साइबर सेल और सिविल लाइन थाना से दो टीमों का गठन किया। टीमों ने मौके पर दबिश देकर तोशाम रोड के नजदीक डाबड़ा गांव से आरोपी नलोई कलां निवासी सतीश को गिरफ्तार कर लिया।
बेरोजगार था, इसलिए दिया वारदात को अंजाम
पुलिस पूछताछ में आरोपी सतीश ने बताया कि राजा पातन करीब दो वर्ष से उसका दोस्त है। दोनों शराब के ठेके पर काम करते थे। अब सतीश बेरोजगार था। एक रात राजा पातन का उसके पास फोन आया। राजा ने उसे कहा कि कोई आमदनी का काम देता हूं। फिर दोनों ने मिलकर नोबेल अस्पताल के सामने से रात के समय अस्पताल संचालक डॉ् संजय को अगवा किया और उसे राजस्थान ले गए। फिर राजा पातन ने फोन कर अस्पताल के स्टाफ से 10 लाख रुपये फिरौती मांगी और कहा की अब हमें पैसे मिल जाएंगे। राजा ने उसे कहा कि इसमें से तुम्हें भी हिस्सेदारी मिलेगी। इसके बाद राजा पातन ने डॉक्टर को कहा की रुपये ऐसी जगह रखवाओ जहां से हम आराम से ले सकें। इसके बाद राजा ने उसे कहा कि वह उसके पीछे बाइक पर आए और वह डॉक्टर को लेकर जाएगा। सतीश ने बताया कि जब वह बताई गई जगह से रुपये उठा रहा था तो उसे तुरंत पुलिस ने पकड़ लिया। इस दौरान राजा पातन पुलिस को देखकर अस्पताल संचालक को छोड़ कर भाग गया। पुलिस ने अस्पताल संचालक और 10 लाख रुपये उसके परिजनों के हवाले कर दिए हैं। आरोपी सतीश को पुलिस शनिवार को अदालत में पेश करेगी। वहीं दूसरे आरोपी राजा पातन की तलाश जारी है।