हिसार। कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान वर्ष 2020 में उकलाना रेलवे स्टेशन के पास आरपीएफ चौकी प्रभारी एसआई मनीष शर्मा की गोली मारकर हत्या करने के बहुचर्चित मामले में हिसार की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जैस्मिन शर्मा की अदालत ने शुक्रवार को नौ आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत दोषियों को 7 जुलाई को सजा सुनाएगी।
अदालत ने संदीप उर्फ बंगरू, पवन उर्फ मोदी, अमित, जय भगवान उर्फ सोनू, दिनेश उर्फ फौजी, सुनील उर्फ शीला, दीपक उर्फ ढेलिया, मुकेश और प्रियव्रत उर्फ कुकी को दोषी ठहराया है। इनके खिलाफ जीआरपी थाना पुलिस ने हत्या समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
मामले के अनुसार 18 मई 2020 की शाम आरपीएफ चौकी उकलाना को सूचना मिली थी कि उकलाना रेलवे स्टेशन और भूना रोड रेलवे फाटक के बीच रेलवे लाइन पर पांच-छह संदिग्ध युवक बैठे हैं और किसी गैरकानूनी गतिविधि की तैयारी कर रहे हैं। सूचना मिलने पर चौकी प्रभारी एसआई मनीष शर्मा, सिपाही सतीश कुमार और विनोद कुमार मौके पर पहुंचे।
शिकायतकर्ता सतीश कुमार के अनुसार पुलिस ने युवकों से पूछताछ की तो उन्होंने अपने नाम संदीप, पवन उर्फ मोदी, सुनील उर्फ शीला और दिनेश उर्फ फौजी बताए। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता शुरू कर दी और हथियार निकाल लिए। इसी दौरान एक आरोपी ने कहा कि खेल खत्म करो, एक केस और भुगत लेंगे।
आरोप है कि संदीप उर्फ बंगरू ने देशी कट्टे से एसआई मनीष शर्मा की छाती में गोली मार दी। गोली लगते ही वह मौके पर गिर पड़े, जबकि आरोपी अपने साथियों के साथ फरार हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से घायल अधिकारी को नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद जीआरपी थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 186, 332, 353, 120-बी, 147 और 148 तथा शस्त्र अधिनियम की धारा 25, 54 और 59 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। करीब छह वर्ष बाद अदालत ने मामले में नौ आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा पर सुनवाई के लिए 7 जुलाई की तारीख निर्धारित की है।