नागरिक अस्पताल परिसर में प्रदर्शन करते एनएचएम कर्मी।
हिसार। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मचारियों ने प्रस्तावित जीओ-फेंसिंग उपस्थिति प्रणाली का विरोध किया। स्वास्थ्य कर्मचारी संघ हरियाणा के सदस्यों ने मंगलवार को नागरिक अस्पताल परिसर में नारेबाजी करते हुए आक्रोश जताया। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने इसे निजता के अधिकार का उल्लंघन ,व्यक्तिगत स्वतंत्रता और साइबर सुरक्षा के लिए भी खतरनाक बताया।
स्वास्थ्य कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला अध्यक्ष अनिल कुमार ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीओ-फेंसिंग प्रणाली के तहत कर्मचारियों को अपने व्यक्तिगत मोबाइल डेटा और लोकेशन जानकारी साझा करने के लिए मजबूर करने की तैयारी है। गोपनीयता के अधिकार के मौलिक अधिकार का यह प्रक्रिया स्पष्ट उल्लंघन है। इस प्रणाली के तहत कर्मचारियों की लोकेशन और व्यक्तिगत डेटा का उपयोग किया जाएगा, जिससे कर्मचारियों का डेटा चोरी, साइबर धोखाधड़ी और अन्य सुरक्षा खतरों की आशंका बढ़ेगी। किसी अन्य विभाग में यह प्रणाली लागू नहीं है।
उन्होंने कहा कि एनएचएम कर्मचारियों में पिछले कई वर्षों से लंबित वेतन वृद्धि, ग्रेच्युटी, और अन्य लाभों को लेकर भी असंतोष है। इन मांगों को जल्द पूरा किया जाए। पिछले 2 महीनों का बकाया वेतन तुरंत दिया जाए। एनएचएम कर्मचारियों के जनवरी 2024 व जुलाई 2024 के डीए जारी किया जाए। एनएचएम सेवा नियम की यथास्थिति बनाए रखते हुए 7वें वेतन का तुरंत लाभ दिया जाए। प्रदर्शन में एएनएम सुमन, शकुंतला, मंजू, पूनम, रीना, ममता स्टाफ नर्स सुनीता, रेणु, कांता, सीएचओ ममता, सोनिया, अनूप कुमार, आयुष विभाग से डॉ. छाया लांबा, डॉ. अमिता, सोसाइटी ऑफिस से पुनीत, नीरज गुप्ता डीपीएम, बुधराम, सुनील सहित अन्य मौजूद रहे।