हिसार। नहरबंदी और पंजाब से भाखड़ा में पानी की कटौती के कारण पेयजल किल्लत झेल रहे शहरवासियों के लिए थोड़ी राहत की खबर है। नहरों में बचे हुए पानी को सिंचाई के लिए न देकर पंपसेट के जरिए जलघरों में डाला जा रहा है। शुक्रवार शाम बालसमंद माइनर में एक बार फिर पानी छोड़ा गया। कैमरी रोड जलघर में शनिवार शाम 4 बजे तक करीब पौने 8 फीट पानी भरा गया। इसकी क्षमता 11 फीट है। यह पूरा भरा जाएगा, तो इससे 15 दिन काम चलता है। फिलहाल इस जलघर में करीब 10 दिन का पानी है। अगर एक दिन छोड़कर आपूर्ति की जाएगी तो 20 दिन तक काम चलाया जा सकता है।
प्रशासन ने जलघरों को भरने के लिए 8 ट्रैक्टर लगाए हैं। प्रत्येक ट्रैक्टर के साथ दो पंप लगे हैं। इस लिहाज से 8 पंपसेट से कैमरी रोड जलघर और 8 से तोशाम रोड स्थित शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) का जलघर भरा जा रहा है। इस जलघर में करीब 7 फीट पानी है, जिससे 8-9 दिन तक की काम चल सकता है। एक दिन छोड़कर आपूर्ति जारी रखी जाए तो 16-17 दिन काम चल सकता है। इस जलघर से अर्बन एस्टेट टू, सेक्टर 1-4, सेक्टर 3-5 और सेक्टर 9-11 को पानी की आपूर्ति होती है।
राणा माइनर से भी भरे जा रहे जलघर
जलघरों को नहरी पानी से भरने के लिए राणा माइनर में 10 ट्रैक्टर पंप सेट, 12 साइफन और 4 बिजली चलित पंप लगाए गए हैं। इससे महाबीर कॉलोनी के जलघर में पानी पहुंचाया जा रहा है। यहां से पुराने शहर को पानी की आपूर्ति की जाएगी। इसके अलावा स्काडा जलघर को भरने के लिए भी अतिरिक्त पंप लगाए गए हैं। डीसी अनीश यादव ने पिछले दिनों नगर निगम के मेयर व जलापूर्ति से जुडे़ अधिकारियों के साथ बैठक में 33 अतिरिक्त पंप सेट लगाकर जलघरों को भरने के निर्देश दिए थे। वहीं, सिंचाई विभाग, जनस्वास्थ्य विभाग और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारी नियमित तौर पर जलघरों की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज रहे हैं। कहीं भी किल्लत है तो इसकी सूचना उच्चाधिकारियों के व्हाटसएप ग्रुप में भी साझा की जा रही है।
सिंचाई के लिए पानी फिलहाल रोका
नहरों से सिंचाई के लिए पानी फिलहाल रोक दिया है। इस पानी को जलघरों में भरा जा रहा है। माना जा रहा है कि बीते दिन बारिश और अगले चार दिन मौसम ठीक रहेगा। इस वजह से अभी सिंचाई के बगैर काम चल सकता है। ऐसे में सिंचाई के लिए छोड़े जाने वाले अधिकाधिक पानी का जलघरों में भंडारण किया जा रहा है।
महाबीर कॉलोनी के जलघरों में सबसे कम पानी
इस समय सबसे कम पानी महाबीर काॅलोनी के जलघरों में हैं। यहां दो जलघर हैं, जिसमें एक पूरी तरह से खाली और दूसरे में आधा पानी है। इन जलघरों से पुराने शहर के बड़े हिस्से को पानी की आपूर्ति की जाती है। इन्हें भरने के लिए बोरवेल भी चलाए जा रहे हैं। संकट से निपटने के लिए जलघरों के नहरी पानी में 25 प्रतिशत तक बोरवेल का पानी मिलाया जा रहा है।
जलघरों को भरने का कर रहे हैं पूरा प्रयास
नहरों में उपलब्ध पानी से जलघरों को भरने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए अतिरिक्त पंपसेट लगाए गए हैं। जिन पर दिन रात काम चल रहा है। पूरी क्षमता के हिसाब से पानी को स्टोरेज करेंगे तो 15-20 दिन आराम से निकल जाएंगे। इसके बाद नहरों में नियमित तौर पर पानी की आपूर्ति शुरू होने की संभावना है। -अनीश यादव, उपायुक्त, हिसार।