विद्यार्थियों में अनुशासन और देश के प्रति समर्पण की भावना भरने के लिए देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के पाठ्यक्रमों में एनसीसी (राष्ट्रीय कैडेट कोर) को शामिल किया जाएगा। यह ऐच्छिक विषय के तौर पर पाठ्यक्रम में शामिल होगा और विद्यार्थियों को इसके अतिरिक्त क्रेडिट मिलेंगे। जल्द ही देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों में यह लागू होगा। यह जानकारी विंग कमांडर बिग्रेडियर रोहित नौटियाल ने दी।
वे चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय स्थित थर्ड हरियाणा बटालियन एनसीसी कार्यालय द्वारा चलाई जा रही विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्हें जिले में स्थित विभिन्न शिक्षण संस्थानों के एनसीसी ऑफिसर से भी मुलाकात की और एनसीसी को शिक्षण संस्थानों में लागू किए जाने के संबंध में चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को एनसीसी के प्रति प्रोत्साहित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने एनसीसी कार्यालय को एचएयू द्वारा दी जा रही सुविधाओं को लेकर कुलपति प्रो. समर सिंह और डीएसडब्ल्यू डॉ. डीएस दहिया का धन्यवाद किया।
पाठ्यक्रम में होंगे 24 क्रेडिट
एचएयू के डीएसडब्ल्यू डॉ. डीएस दहिया ने बताया कि उच्च शिक्षण संस्थानों में सीबीसीएस यानी च्वाइस बेस क्रेडिट सिस्टम पर आधारित एनसीसी पाठ्यक्रम का मॉडल लागू होगा। संभावना है कि इस पाठ्यक्रम में कुल 24 क्रेडिट होंगे। इसमें 10 क्रेडिट सैद्धांतिक विषयों के, 6 क्रेडिट प्रयोगात्मक विषयों और 8 क्रेडिट कैंप में होने वाली विभिन्न गतिविधियों के होंगे। कैडेट को मल्टीप्ल एंट्री एवं मल्टीप्ल एग्जिट की सुविधा भी दी जाएगी। विद्यार्थियों को डिग्री में क्रेडिट के साथ ही ए, बी, और सी सर्टिफिकेट दिए जाएंगे।