हांसी। लाल डोरे के संपत्ति मालिकों को संपत्ति प्रमाणपत्र देने से पहले नगर परिषद उनका सत्यापन करवा रही है। नगर परिषद की टीमें घर-घर जाकर संपत्ति मालिकों के दस्तावेजों की जांच कर रही हैं ताकी किसी संपत्ति पर रहने वाले किराएदार व अन्य कोई व्यक्ति गलत तरीके से संपत्ति प्रमाणपत्र हासिल कर मालिक न बन जाए।
सत्यापन के लिए तकनीकी शाखा व संपत्ति कर शाखा के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। कर्मचारी घरों में जाकर संपत्ति से संबंधित दस्तावेज व संपत्ति मालिकों के दस्तावेजों का अपने रिकॉर्ड से मिलान कर रही है ताकी रिकॉर्ड में दर्ज संपत्ति मालिक के बारे में पता लग सके। इसके अलावा रिकॉर्ड में दर्शाई गई जमीन की पैमाइश सही है या नहीं है इसकी भी जांच की जा रही है।
यह कार्य बीते सप्ताह से शुरू किया गया है। बता दें कि शहर के वार्ड 3, 4, 5, 7, 8, 9 व 10 का ज्यादातर हिस्सा लाल डोरे में आता है। इसमें करीब 6,800 संपत्तियां हैं। करीब तीन महीने पहले संपत्ति प्रमाणपत्र योजना के तहत काम शुरू हुआ था। इसमें लोगों के दावे व आपत्तियों का निपटान हो चुका है। अब संपत्ति प्रमाणपत्र देने का कार्य बाकी है।
चेयरमैन ने की थी मांग
बीते दिनों नगर परिषद कार्यालय में हुई हाउस बैठक में चेयरमैन प्रवीन ऐलावादी ने अधिकारियों को सत्यापन करने के लिए कहा था। उन्होंने कहा था कि गलत जानकारी से कहीं किराएदार मालिक न बन जाए, इसलिए संपत्ति प्रमाणपत्र देने से पहले सत्यापन जरूर करवाया जाए।
मिलेगा मालिकाना हक
अधिकारियों के अनुसार लाल डोरे में रहने वाले लोगों के पास मालिकाना हक के तौर पर सिर्फ नगर परिषद की एसेसमेंट थी। इसके अलावा अन्य कोई प्रमाण नहीं था। इसलिए ही संपत्ति प्रमाणपत्र देने की योजना बनाई है। यह प्रमाणपत्र मिलने के साथ ही संपत्ति मालिकों को मालिकाना हक मिल जाएगा।
संपत्ति प्रमाणपत्र के लिए सत्यापन का कार्य चल रहा है। इसके लिए टीमें प्रतिदिन फील्ड में जा रही हैं। यह कार्य पूरा होते ही प्रमाणपत्र देने का काम शुरू किया जाएगा।- जयवीर डूडी, एक्सईएन, नगर परिषद