शहर के सेक्टरों सहित शहर के सारे पार्कों का बुरा हाल है। सभी पार्कों में घास व झाड़ियां खड़ी हैं। मगर नगर निगम के कर्मचारी शहर के एक निजी स्कूल के मैदान में घास काट रहे हैं। नगर निगम के ही कुछ कर्मचारियों ने मामले को लेकर आपत्ति जताई है। हालांकि मामला राजनीतिक है जिसके कारण हर कोई इस बारे में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
पार्षद बोले
इस मामले के बाद पार्षद ने भी आपत्ति लगाई है। उन्होंने कहा है कि ऐसे में तो कोई भी प्रभावी व्यक्ति अपनी निजी संपत्ति पर सरकारी कर्मचारियों से काम करवा लेगा। अब तो एक निजी स्कूल के मैदान में सरकारी कर्मचारियों से घास कटवाया गया वे इससे आगे भी बढ़कर कुछ भी करवा लेंगे और जनता सेवाओं व सुविधाओं के लिए तरसती रहेगी।
कर्मचारियों व राजनेताओं में खींचतान
निजी स्कूल में घास कटवाने की वीडियो फुटेज व फोटो सोशल साइट्स पर किसी ने जारी कर दिए। जैसे ही यह बात एक पार्टी के पदाधिकारी को पता चली तो उसने नगर निगम कर्मचारी के पास फोन कर उसे खूब लताड़ा। बात तूं तूं मैं मैं पर पहुंच गई। कर्मचारी ने कहा कि मैंने किसी की कोई फोटो तक जारी नहीं की। मुझे मामले से कोई मतलब ही नहीं। दोनों ने आपस में एक दूसरे को खूब खरी खरी सुनाई।
सेक्टरों के पार्क टेंडर पर देने की तैयारी
नगर निगम से शहर के पार्क ही नहीं संभल रहे। जब से सेक्टर नगर निगम के अंडर आए हैं तब से इन पार्कों की घास तक नहीं कटी। अधिकारियों ने हालांकि सेक्टरों के पार्कों की मेंटेनेस ठेके पर देने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की हुई है।
ये तो सरासर जनता के साथ धोखा है। जनता के सेवक किसी निजी संस्थान में पहुंचकर पार्क की घास काटे व सफाई कर्मचारी से सफाई करवाए शर्मनाक काम है। शहर के पार्कों को बुरा हाल है। इस मामले को अगली मीटिंग में उठाया जाएगा। साथ ही डीसी एवं सीएम विंडों में इसकी शिकायत की जाएगी।
- भीम महाजन, डिप्टी मेयर
हमारे कोई कर्मचारी निजी स्कूल में घास काटने नहीं गए। ये कौन बोल रहा है कि कर्मचारियों से घास कटवाई है।
- राजेश महता, सचिव नगर निगम