क्लास टू अधिकारियों के संपत्ति ब्योरे को सार्वजनिक किया जाना जरूरी है।
मेयर की प्रॉपर्टी का बिल गलत भेजे जाने के मामले पर नगर निगम अधिकारियों में खलबली मच गई। मेयर ने इस मामले को लेकर कार्यालय में पहुंचते ही डीसी एवं कमिश्नर निखिल गजराज से बात की। मेयर ने डीसी को कहा कि मुझे हैरानी है कि मेरा ही बिल गलत है तो आम लोगों का क्या हाल। जब रजिस्टर में सही दर्ज है तो बिल पर क्यों ठीक नहीं आ रहा। इस पर कमिश्नर ने कहा कि निगम अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं आपका बिल ठीक हो जाएगा।
मेयर ने इसके बाद अपने कार्यालय में नगर निगम अधीक्षक कैलाश चंद्र को भी बुलाया। उन्होंने मेयर शकुंतला राजलीवाला के समक्ष कहा कि मैडम आपका बिल ठीक हो जाएगा। मेयर ने पूछा यह तीसरी बार है जब आपको प्रॉपर्टी के सारे डॉक्युमेंट उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। इसके बावजूद आप इसे ठीक नहीं कर पा रहे। इस पर अधीक्षक ने कहा कि शाम तक आपका बिल ठीक हो जाएगा। मगर ऑफिस बंद होने तक टैक्स बिल ठीक नहीं हो पाया।
मैंने डीसी साहब से बात की थी। डीसी साहब ने अधिकारियों को इस बारे पूछा और उन्हें बिल ठीक करने के निर्देश दिए हैं।
- शकुंतला राजलीवाला, मेयर नगर निगम