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ऑक्सन में बिके प्लॉटों के 3 करोड़ निगम को देगा हुडा, अधिकारी भी मिलेंगे डेपुटेशन पर

Wed, 07 Dec 2016 12:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार
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नगर निगम
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कंगाली के दौर से गुजर रहे निगम पर सेक्टरों की मेंटिनेंस की जिम्मेवारी बढ़ने से आर्थिक संकट को दूर करने के प्रयास चल रहे हैं। यूलएबी के अधिकारियों व हुडा अधिकारियों के बीच पंचकूला में हुई मीटिंग में हुडा को निर्देश दिए गए कि डेवेलेप हुए सेक्टरों में खाली पड़े कॉमर्शियल प्लॉटों की ऑक्सन से जो आमदनी होगी यानी रिजर्व प्राइज से जितना ज्यादा रेट में प्लॉट बिकेगा उसका आधा हिस्सा निगम को जाएगा।
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इसके अलावा अगर प्लाट रेजिडेंशियल है तो 25 प्रतिशत हिस्सा निगम को जाएगा। इस फैसले के बाद नगर निगम के आय के रास्ते खुल गए हैं। जिसके हिसाब से हाल में हुडा द्वारा बेचे गए करोड़ों रुपयेे के रेजिडेंशियल व कॉमर्शियल प्लॉटों के 3 करोड़ से ज्यादा रुपये निगम में आ सकते हैं। हुडा अधिकारियों को निर्देश भी है कि यह राशि वे निगम को दें। यह प्रोसेस पेंडिंग नहीं रहेगी। अधिकारियों को यह प्रोसेस दो से तीन महीने के अंतराल में करनी होगी।

एक्सईएन तक के अधिकारियों को ले सकते हैं डेपुटेशन पर
निगम द्वारा हुडा के सेक्टरों को बिना अनुभव के मेनटेन न कर पाने का रोना रोने वाले अधिकारियों को चीफ एडमिनिस्ट्रेटर ने कहा कि पहले हुडा के सी और डी क्लास के कर्मचारियों को डेपुटेशन पर भेजा गया था। अब अगर निगम चाहे तो व्यवस्था बनाने के लिए एक्सईएन और एसडीओ तक के अधिकारियों को डेपुटेशन पर ले सकता है। यानी निगम को अब अधिकारी तक डेपुटेशन पर मिलेंगे।
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सरप्लस कर्मचारी वापस नहीं होंगे
बैठक में ये भी फैसला हुआ कि 20 सरप्लस कर्मचारी (माली) निगम में ही रहेंगे। उन्हें हुडा में वापस नहीं भेजा जाएगा। उच्च अधिकारियों ने निर्देश दिए कि सरकार की पॉलिसी को लागू करने में सहयोग करना है। इतना ही नहीं पूरे प्रदेश भर के निगम, पालिकाओं व परिषदों व हुडा के साथ हुई बैठक में ये भी कहा गया कि जो सेक्टर हुडा से निगमों के पास जा चुके हैं वे किसी हाल में वापस नहीं होंगे। इनकी मेंटीनेंस अब निगमों को ही करनी है। जो कर्मचारी सरप्लस है उन्हें अन्य किसी काम में लगाओ। अब निगम के पास जो माली सरप्लस है उन्हें निगमों के  पार्कों में लगाया जाएगा क्योंकि हुडा के पार्कों को तो कांट्रेक्ट पर दिए गए हैं।

आपस में बनाए तालमेल
निगम और हुडा अधिकारियों को आपसी तालमेल बनाने के निर्देश दिए गए हैं। हुडा अधिकारियों ने कहा कि हुडा की हालात भी निगम जैसी ही है। आर्थिक तंगी वहां भी है। हुडा और निगम तालमेल बनाए। डेवलेप सेक्टर जो निगम को सौंपे गए हैं यह साफ है कि उनकी मेंटीनेंस निगम को ही करनी है।


ऑक्सन में बिके कॉमर्शियल प्लॉटों और कुछ चार्जेज का हिस्सा करोड़ों रुपये के रूप में निगम को मिलेगा। कॉमर्शियल में यह रिजर्व प्राइज से अधिक राशि में बिकने वाली राशि का यह हिस्सा 50 प्रतिशत रहेगा। इसके अलावा 25 प्रतिशत हिस्सा रेजिडेंशियल में मिलेगा।
- सरजीत नैन, ज्वाइंट कमिश्नर नगर निगम।

ये रहे मौजूद
बैठक में यूएलबी डायरेक्टर शेखर विद्यार्थी, हुडा चीफ एडमिनिस्ट्रेटर विकास गुप्ता, चीफ एडमिनिस्ट्रेटर आनंद मोहन शरण, हिसार सीटीएम सरजीत नैन, एक्सईएन रामजीलाल, हुडा एक्सईएन डीएस नैन, वीके अरोड़ा, ईओ सुमित कुमार सहित प्रदेश भर के नगर निगमों, पालिकाओं और हुडा ऑफिस के अधिकारी थे।
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