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निगम को ईपीएफओ का नोटिस

Tue, 27 Dec 2016 12:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार
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नगर निगम
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कंगाल नगर निगम को करोड़ों रुपये का फिर फटका लग सकता है। निगम को रोहतक ईपीएफओ ने पेनल्टी नोटिस जारी किया है। निगम करीब ढाई साल से 414 कर्मचारियों का न तो ईपीएफ जमा करवा रहा है और न ही ईएसआई। ईपीएफओ ने नोटिस जारी कर कहा है कि या तो निगम कर्मचारियों का तुरंत प्रभाव से ईपीएफ जमा करवा दे वरना पेनल्टी लगाना तय है। नोटिस के बाद नगर निगम अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। निगम के पास पैसा नहीं है। अब निगम ढंढूर में सॉलिड वेस्ट की अधिग्रहण हुई जमीन का पैसा ईपीएफ व ईएसआई के रूप में देने की तैयारी कर रहा है। फिलहाल फाइल सेक्शन ऑफिसर की टेबल पर है।
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रिकॉर्ड किया तलब
कर्मचारियों का ईएसआई न दिए जाने के मामले में भी गुरुग्राम इंप्लाइज स्टेट इंश्योरेंस कॉरपोरेशन से निगम को नोटिस आया है। ईएसआई कॉरपोरेशन ने निगम का ईएसआई संबंधित रिकॉर्ड तलब किया है। इस मामले का निगम अधिकारियों ने एक बार तो गोलमोल जवाब बनाकर भेज दिया है मगर ईएसआई देने के लिए निगम के पास पैसा नहीं है। निगम अधिकारियों की मानें तो यहां भी निगम को पेनल्टी लगना तय है।

2.57 करोड़ से ज्यादा का है बकाया
निगम ने कर्मचारियों का 2 करोड़ 57 लाख रुपये से ज्यादा का ईपीएफ और ईएसआई नहीं दिया है। कांट्रेक्ट पर लगे चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों का सैलरी का 25.36 प्रतिशत ईपीएफ के रूप में जमा होता है और 6.5 प्रतिशत ईएसआई का। अधिकारियों का कहना है कि अगर महीने वाइज केलकुलेशन किया जाए तो साढ़े आठ लाख रुपये से ज्यादा का ईपीएफ इन 414 कर्मचारियों का बनता है। 29 महीने के हिसाब से यह पैसा 2 करोड़ 57 लाख रुपये से अधिक बनता है।
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नहीं देने पर लगती है पेनल्टी
अकाउंट्स के जानकारों का कहना है कि ईपीएफ और ईएसआई न जमा करने पर सीधे पेनल्टी का प्रावधान है। अगर नोटिस के बाद भी जमा न हो तो यह डबल हो जाता है। इसके साथ ब्याज भी देना होता है। निगम को यह फंड साथ साथ ही जमा करवाना चाहिए था। ऐसा न करने पर अधिकारियों ने निगम पर और अधिक आर्थिक बोझ डाल दिया है।

मेरे नोटिस में ऐसा मामला नहीं है। ईपीएफ और ईएसआई का पैसा कर्मचारियों का दिलवाया जाएगा। पहले एसीपी का मामला जरूर अटका हुआ था, जिनमें से अधिकतर केसों का निपटान हो चुका है। अगर ऐसा है तो कोई न कोई समाधान जरूर निकाला जाएगा।
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- उग्रसेन परमार, सीनियर अकाउंट ऑफिसर, नगर निगम
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