सरकार द्वारा नगर निगम क्षेत्र में विकास शुल्क (डेवलपमेंट चार्जिज) बढ़ाने के बाद नगर की आय को ब्रेक लग गया है। नगर निगम में शहर के लोग नक्शा पास करवाने आ रहे हैं मगर विकास शुल्क की फीस राशि सुनकर वापस लौट रहे हैं। जब से विकास शुल्क बढ़ा है तब से इस ब्रांच से यानी विकास शुल्क के नाम पर एक पैसा तक जमा नहीं हो पाया है।
शहर के लोगों में रोष, कर रहे हैं रेट घटने का इंतजार
विकास शुल्क बढ़ने के बाद शहर के लोगों में काफी रोष है। लोग आंदोलन करने तक को तैयार हैं। मगर इससे पहले वे इंतजार कर रहे हैं कि आखिर सरकार की ही नींद खुल जाए। आम लोगों का कहना है कि जल्द ही ये रेट कम होते हैं तो ठीक है वरना वे आंदोलन करेंगे।
एवरेज डेढ़ लाख रुपये होती है एक दिन की आय
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि विकास शुल्क के रूप में निगम में एवरेज डेढ़ लाख रुपये फीस हर रोज जमा हो जाती है। करीब एक सप्ताह से कोई डेवलपमेंट चार्जिज जमा नहीं करवा रहे। बता दें कि नगर निगम में रेजिडेंशियल एरिया में विकास शुल्क 120 रुपये प्रतिवर्ग गज की जगह बढ़ाकर 1 हजार रुपये व कॉमर्शियल एरिया में 1 हजार रुपये के स्थान पर दो गुना रेट कर दिया गया है, जिसके हाल ही में सरकार ने सर्कुलर जारी कर दिया था।
कुछ लोगों की फाइल आई है। लोग इंतजार कर रहे हैं कि विकास शुल्क कम होंगे। संभावना जताई जा रही है।
- अमित बेरवाल, बीआई नगर निगम