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100 कर्मचारी अधिकारियों के घर लगा रहे झाडू, कैसे हो शहर साफ

Fri, 30 Dec 2016 12:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार
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Chandigarh sweeper - फोटो : File Photo
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सफाई कर्मचारियों की कमी का रोना रोने वाले नगर निगम के 100 से अधिक सफाई कर्मचारी अधिकारियों के यहां झाडू लगा रहे हैं। यहां तक कि रिटायर्ड अधिकारियों के यहां भी काम कर रहे हैं। कोई साफ-सफाई में जुटा है तो कुछ अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के बगीचे में घास काट रहे हैं। जबकि शहर कचरे से अटा पड़ा है। यहां तक कि सफाई व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताने वाली मेयर के यहां भी दो सफाई कर्मचारी लगे हुए हैं। इसके बावजूद सफाई कर्मचारियों को नहीं हटाया गया।
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शहर को स्वच्छता सर्वेक्षण की सूची में लाने के लिए की जाने वाली मेयर व अधिकारियों की सख्ती पर सफाई कर्मचारियों ने पलटवार किया है। कर्मचारियों ने पार्षदों से स्वच्छता के लिए संतुष्टि प्रमाण पत्र को लेकर मेयर व अधिकारियों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। सफाई कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि शहर में 600 नहीं 500 कर्मचारी ही काम कर रहे हैं। इनमें से 100 के करीब कर्मचारी तो रिटायर्ड अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों यहां तक कि उनके रिश्तेदारों के घरों में काम कर रहे हैं। इतना ही नहीं उन्होंने मेयर व सीनियर डिप्टी मेयर पर भी आरोप लगाया है और कहा कि मेयर अपने घर पर लगे कर्मचारियों व रिटायर्ड अधिकारियों के घरों के कर्मचारी हटाकर पहले शहर में सफाई के काम पर लगाए और इसके बाद हम पर संतुष्टि प्रमाण पत्र वाला फार्मूला लागू करें।

यूनियन बोली
नगर पालिका संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष नरेश कांगड़ा ने आरोप लगाया है कि एक रिटायर्ड ईओ के घर व उनके भांजे के घर हाउसिंग बोर्ड में सफाई कर्मचारियों से काम लिया जा रहा है। ये कर्मचारी स्थायी रूप में इनकी कोठियों पर काम करते हैं। खुद मेयर के घर दो ऐसे कर्मचारी हैं जिनका वेतन सफाई कर्मचारी के रूप में निगम से जाता है।
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इन्हें भी दे रखा है कर्मचारी
नगर निगम ने एचएयू के टेक्निकल अधिकारियों को भी एक कर्मचारी काम करने के लिए दे रखा है। यूनियन ने कहा है कि निगम के अधिकारी तो उनका शोषण कर रही रहे हैं उन्हें दूसरे विभाग के अधिकारियों के घर भी काम पर भेजा जाता है।

काम करें या प्रमाण पत्र लें
सफाई कर्मचारियों के यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया है कि अब काम करेंगे या संतुष्टि प्रमाण पत्र लेंगे। उन्होंने कहा कि संतुष्टि रिपोर्ट देने की एवज में पार्षद उनका शोषण करेंगे। शहर में सफाई का काम करने वाले लोगों से पहले ही गोबर व मलबा उठवा रहे हैं।

साल में एक बार मिली है झाड़ू
कर्मचारियों ने यह भी कहा है कि स्वच्छ भारत कैसे होगा जब उन्हें एक साल में झाडू तक एक बार मिलती है। उन्होंने बताया कि तीन सालों में उन्हें केवल तीन बार झाडू मिली है। वे अपने स्तर पर किसी तरह झाड़ू का बंदोबस्त करते हैं। न उन्हें वर्दी मिली है और न अन्य सामान।

जरूरत 12 सौ कर्मचारियों की
यूनियन ने शहर की साढ़े चार लाख जनता के हिसाब से 12 सौ कर्मचारी होने की बात कही है। उन्होंने दावा किया कि अन्य शहरों की बजाए फिर भी हमारे शहर में सफाई बहुत अच्छी है। उन्होंने कहा कि ब्रांच इंचार्ज ने 600 कर्मचारियों की बात कही है। इसमें सच्चाई ये है कि कर्मचारी तो 500 ही फील्ड में हैं।

100 के करीब कर्मचारियों से रिटायर्ड अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों, मेयर डिप्टी मेयर सहित कई रसूखदार लोगों की कोठियों पर काम करवाया जा रहा है। ऐसे में फिर भी हम सफाई का शहर में ठीक काम कर रहे हैं। इन अधिकारियों के कर्मचारियों को शहर में काम पर लगाया जाए। हम पार्षदों व मेयर के फरमान का विरोध करते हैं ऐसे में हम संतुष्टि प्रमाण पत्र लेते घूमें या फिर शहर में काम करें। ऐसा बिल्कुल नहीं किया जाएगा।
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- नरेश कुमार कांगड़ा, प्रांतीय उपाध्यक्ष नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा

मेरे घर पर कोई कर्मचारी काम नहीं कर रहा। अगर मेयर व अन्य पर आरोप लगा रहे हैं तो मैडम बाहर हैं उनसे बात की जाएगी।
- राजेश महता, सचिव नगर निगम
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