नगर निगम वर्ष 2017-18 के लिए 53 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत करेगा। पिछले साल के मुकाबले इस बार का बजट करीब चार करोड़ रुपये अधिक है। अगले सप्ताह होने वाली निगम सदन की बैठक में यह बजट प्रस्तुत किया जाएगा। पहली बार निगम का बजट 50 करोड़ के पार गया है।
नगर निगम ने अगले वित्त वर्ष के लिए 53 करोड़ 65 लाख रुपये का बजट तैयार किया है। सदन की 16 मार्च को होने वाली बैठक में यह रखा जाएगा। निगम सदन इस बजट को पारित करने पर फैसला लेगा। यहां से बजट पारित होने के बाद प्रदेश सरकार को भेजा जाएगा। सदन की बैठक में बजट का विस्तृत ब्योरा भी पेश किया जाएगा, जिसमें निगम को होने वाली पूरी आय की जानकारी दी जाएगी। निगम की ओर से अगले वित्त वर्ष के पूरे खर्च की डिटेल भी उपलब्ध कराई जाएगी। निगम के वर्तमान बजट का आंकड़ा भी प्रस्तुत किया जाएगा।
बजट का अधिकतर हिस्सा वेतन पर होगा खर्च
निगम की ओर से तैयार किए गए बजट का अधिकतर हिस्सा वेतन पर ही खर्च हो जाएगा। प्राथमिक आंकलन के हिसाब से करीब 45 करोड़ तक निगम के कर्मचारियों के वेतन भत्तों व अन्य खर्च पर व्यय हो जाएगा। विकास कार्यों के लिए बेहद कम बजट बचेगा। सातवां वेतन आयोग लागू होने के कारण निगम कर्मचारियों के वेतन पर काफी बढ़ोतरी हुई है, जिस कारण बजट में इसका असर दिखेगा। पिछले साल हुडा के कुछ सेक्टर नगर निगम को सौंपे गए हैं। हुडा सेक्टर के शामिल होने के बाद निगम का यह पहला बजट होगा।
निगम में कहां से आएगा पैसा
प्रॉपर्टी टैक्स, फायर टैक्स, ट्रेड लाइसेंस, बिजली निगम से मिलने वाला टैक्स, शराब बिक्री से मिलने वाला टैक्स, स्टांप ड्यूटी से मिलने वाला राजस्व, निगम की दुकानों से मिलने वाला रेंट, अस्थायी लाइसेंस से मिलने वाला टैक्स
निगम में कहां खर्च होगा पैसा
कर्मचारियों का वेतन भत्ता, पार्कों की मेंटेनेंस का खर्च, सड़कों व गलियों का निर्माण, स्ट्रीट लाइटों की मेंटेनेंस, कचरा निस्तारण, सफाई कर्मचारियों का वेतन