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डी प्लान के लिए 23 करोड़ से होंगे 700 विकास कार्य

Sat, 11 Mar 2017 12:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार
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डी प्लान के तहत जिले भर से करीब 1270 कार्य भेजे गए हैं। जनप्रतिनिधियों के अलावा आम लोगों की ओर से भी डी प्लान के लिए कार्य भेजे गए हैं। डी प्लान में करीब 23 करोड़ की ग्रांट से काम कराए जाने हैं, जिसमें करीब 700 काम पूरे होने की संभावना है। डीसी निखिल गजराज की ओर से विकास कार्यों की प्राथमिकता तय की जाएगी।
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फरवरी माह में प्रदेश सरकार की ओर से मिली करीब 23 करोड़ की ग्रांट के लिए योजना तैयार करने का काम शुरू हो गया है। जिले भर से लोगों ने इस योजना में काम कराने के लिए अपनी अनुशंसा भेजी है। इसमें सरपंच, ब्लॉक समिति सदस्य, ब्लॉक समिति चेयरमैन, जिला पार्षद, जिला परिषद चेयरमैन, विधायक, सांसद की ओर से अनुशंसा भेजी गई हैं। जिला योजना विभाग को अलग अलग माध्यम से करीब 1270 कार्यों की अनुशंसा मिली है। इन कार्यों को पूरा कराने के लिए करीब 60 करोड़ रुपये के बजट की जरूरत है। फिलहाल करीब 23 करोड़ रुपये की ग्रांट आई है। इस कारण विभाग की ओर से कार्यों की प्राथमिकता तय की जाएगी। प्राथमिकता की लिस्ट के अनुसार ही कार्य पूरे हो सकेंगे। 23 करोड़ के बजट में करीब 700 कार्य पूरे हो सकेंगे।

जनसंख्या के हिसाब से ग्रांट तय
डी प्लान के बजट में जनसंख्या के हिसाब से ग्रांट तय है। इसमें शहरी व ग्रामीण एरिया के लिए बजट तय करने का फार्मूला बनाया गया है। जिसे बदला नहीं जा सकता। इस योजना के अनुसार ही सभी एरिया को बजट का आवंटन होगा।
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विकास एजेंसियों के जरिए होगा काम
नगर निगम, नगर परिषद, नगर पालिका, बीडीपीओ, एक्सईन काडा, एक्सईन पीडब्ल्यूडी, एक्सईन बिजली निगम, एक्सईन पब्लिक हेल्थ, डीपीसी, खेल विभाग, एडीसी कार्यालय, एसडीएम, डीडीपीओ सहित अन्य विकास एजेंसी काम कराएंगी।

कब कितना मिला बजट
वर्ष    बजट  
2008-09    6.79 करोड़
2009-10    18.60 करोड़
2010-11    10.28 करोड़
2011-12    15.95 करोड़
2012-13    6 करोड़
2013-14    18.96 करोड़
2014-15    3.97 करोड़
2015-16    8.46 करोड़
2016-17    17.4 करोड़

दूसरी ग्रांट में आए 24 करोड़
यह पहला मौका था जब हिसार जिले को दूसरी ग्रांट में करीब 24 करोड़ रुपया आया है। पिछली बार डी प्लान को लेकर राजनीतिक मुद्दा था। प्रदेश सरकार की ओर से जारी ग्रांट को जिला प्रशासन खर्च नहीं कर पाया था। जिस कारण बजट लैप्स होकर वापस चला गया था।

डी प्लान के तहत काम कराने के लिए कोई भी व्यक्ति आवेदन दे सकता है। डीडीएमसी की कमेटी के चेयरमैन की ओर से कार्यों की सूची तैयार की जाती है। जनसंख्या के अनुसार हर एरिया का बजट तय है। इसके अलावा सामान्य व अनुसूचित वर्ग के लिए भी फार्मूला तय है।
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- जोगेंद्र कालीरामणा, जिला योजना अधिकारी, हिसार
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