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Hisar News: अमृत के बचे हुए काम को रिस्क एंड कॉस्ट पर पूरा कराएगा निगम

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हिसार। अमृत योजना के बचे हुए काम को अब रिस्क एंड कॉस्ट पर दूसरी कंपनी से कराया जाएगा। नगर निगम ने इसको लेकर तैयारी शुरु कर दी है। अगले दो सप्ताह में इसकी टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। यह काम पूरा होने के बाद नगर निगम के वार्ड 11 में पेयजल लाइनों का काम पूरा होगा। यह काम पूरा होने के बाद गांव सातरोड़ में गलियों-सड़कों के निर्माण का काम भी शुरु हो सकेगा।
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वर्ष 2019 से शहर के कुछ वार्डों में अमृत योजना के तहत पेयजल लाइन बिछाने का काम शुरू हुआ था। जिसमें एजेंसी ने वार्ड 11 स्थित टावर कॉलोनी में करीब 10 किलोमीटर की नई पेयजल लाइन बिछाई थी। भगत सिंह कॉलोनी के अंदर करीब 3 किलोमीटर की नई लाइन बिछानी है। वार्ड 11 की इंदिरा कॉलोनी, मास्टर कॉलोनी, सातरोड़ व हनुमान कॉलोनी, वार्ड-1 की भगत सिंह कॉलोनी, वार्ड 6 व वार्ड-17 में पेयजल लाइन बिछाने काम बाकी है। दो वाटर टैंक भी बनाने हैं। इनमें से एक टैंक का सिर्फ 20 प्रतिशत काम हुआ है, जबकि दूसरे काम ही नहीं शुरू हुआ।







एजेंसी को डेढ़ साल में पूरा करना था काम

अमृत योजना के तहत एजेंसी को वार्ड 11 में 35 किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन बिछानी थी। अक्तूबर 2018 में एजेंसी को काम का वर्क ऑर्डर जारी किया गया था और उसे यह काम मार्च 2020 तक पूरा करना था। पिछले एक साल से काम बंद पड़ा है। इस तरह से एजेंसी ढाई साल में 20 किलोमीटर लंबी लाइन ही बिछा सकी। अभी करीब 30 प्रतिशत काम बकाया है। वार्ड-3 में भी अभी तक 4.3 किलोमीटर में से 260 मीटर की लाइन ही बिछाई गई
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8 में से 2 कॉलोनियों में ही काम हुआ पूरा

अमरूत के तहत वार्ड 11 की 8 कॉलोनियों में पेयजल लाइन बिछाई जानी थी, लेकिन सिर्फ दो कॉलोनियां में ही काम पूरा हो सका, जिनमें हनुमान कॉलोनी व चौधरी कॉलोनी शामिल हैं। वहीं सातरोड़ खुर्द, सातरोड़ खास, बीएचपी कॉलोनी, मास्टर कॉलोनी, आदर्श कॉलोनी व इंदिरा कॉलोनी में लाइन बिछाने का काम अधूरा पड़ा है।

अमृत योजना के तहत शहर में पेयजल पाइप

लाइन बिछाने में हुई लेटलतीफी पर शहरी निकाय मंत्रालय ने 19 दिसंबर 2022 को दो एक्सईएन सहित 5 अधिकारियों को निलंबित किया। महज दस दिन के अंदर ही इन सभी को दोबारा से बहाल कर दिया।



अमृत योजना के शहर के विभिन्न वार्डों में करीब 135 किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन बिछाने का ठेका एमएस केबी पीकेजेजेवीएमएस नाम की कंपनी को दिया गया था। निगम अधिकारियों की मानें तो कंपनी को अक्तूबर 2018 में वर्क ऑर्डर दिया गया था। इस कार्य की लागत करीब 30.02 करोड़ रुपये है। 4 साल 3 माह बाद भी यह कार्य पूरा नहीं हुआ है।



3 फरवरी 2021 को एजेंसी के खिलाफ क्लॉज टू लगाई गई। इसके तहत एजेंसी पर टेंडर राशि का 10 प्रतिशत तक जुर्माना लगाने का प्रावधान है।

- 14 जनवरी 2022 को क्लॉज थ्री लगाई गई। इसके तहत एजेंसी का टेंडर रद्द करके नया टेंडर लगाने और नए टेंडर की बढ़ी राशि भी उक्त एजेंसी से वसूलने का प्रावधान है।

- 2 मई 2022 को नगर निगम ने मुख्यालय को दोबारा टेंडर करने के लिए पत्र लिखा।

- एसीएस ने एजेंसी की टेंडर अवधि 6 माह के लिए बढ़ाई।

वर्जन

इस बारे में उच्च अधिकारियों से बातचीत हो चुकी है। जल्द ही हम क्लॉज थ्री के तहत कार्रवाई करते हुए रिस्क एंड कॉस्ट पर इस काम को पूरा कराएंगे। इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। पुरानी एजेंसी के काम का फाइनल बिल बनाने का काम चल रहा है। जो अतिरिक्त खर्च आएगा वह पुरानी एजेंसी से ही वसूला जाएगा। - रामजीलाल, चीफ इंजीनियर, नगर निगम, हिसार
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