निगम मेयर शकुंतला राजलीवाला व सीनियर डिप्टी मेयर दयानंद सैनी पांच पार्षदों को साथ लेकर डीसी एवं कमिश्नर निखिल गजराज से मिले। मेयर ने डीसी से पूछा कि आप ये तो बता दो कि निगम अधिकारियों को आप क्या हर रोज अपने ऑफिस बुलाते हो। जनता तो काम करवाने के लिए चक्कर काटती रहती है और अधिकारी आपके ऑफिस जाने की बात कहते रहते हैं। इस पर डीसी ने कहा कि मैंने तो इन्हें इतनी जल्दी कभी नहीं बुलाया। अगर कोई फाइलें निकलवानी हैं तो इन्हें 2 बजे से पहले कभी बुलाने का तो मतलब ही नहीं। इस पर डीसी ने कहा कि अगर ये बात है तो मैं गौर करूंगा। आगे से जनप्रतिनिधियों को ये शिकायत नहीं मिलेगी।
फरवरी के पहले सप्ताह में मीटिंग पक्की
मेयर व सीनियर डिप्टी मेयर ने कहा कि इस बार हाउस की बैठक आप आओगे तभी होगी। जो आप अपनी मर्जी से डेट देंगे उस डेट पर हाउस की मीटिंग बुला ली जाएगी। इस पर डीसी ने कहा कि जनवरी के लास्ट वीक में या फिर फरवरी के पहले सप्ताह में मीटिंग पक्की है।
सफाई के लिए करो टीम तैयार
पार्षदों ने डीसी को कहा कि सभी 20 वार्डों में लगे सफाई कर्मचारियों में से एक एक कर्मचारी लेकर एक टीम गठित करो। ये टीम वार्ड वाइज जिस एरिया में ज्यादा गंदगी है रोटेशन में सफाई अभियान चलाए।
जैन बोले सेक्टरों के हालात खराब
पार्षद टीनू जैन ने कहा कि सभी सेक्टर्स की सड़कें टूटी हुई है। हालात ऐसे हैं कि कुछ दिनों में कोठियों के नाम से नहीं बल्कि गड्ढों के नाम से सेक्टर जाने जाएंगे। उन्होंने बंदरों के बारे में चर्चा की। सेक्टर 14 की सड़क बनाने के मामले में उन्होंने मांग उठाई।
56 कर्मचारियों को भी मिलेगा वेतन
कांट्रेक्ट पर लगाए गए 56 कर्मचारियों के बारे में मेयर ने डीसी से बात की। मेयर को डीसी ने कहा कि जो लगे हैं और काम कर रहे हैं उनका वेतन जरूर मिलेगा। नए टेंडर के लिए निगम अधिकारियों को निर्देश दिए जा चुके हैं। मिलने गए पार्षदों में मेयर के अलावा सीनियर डिप्टी मेयर डीएन सैनी, पार्षद नरेंद्र शर्मा, टीनू जैन, अजीत कुमार और मास्टर प्रहलाद सिंह थे।
फिर मेयर ने ली क्लास
मेयर ने मीटिंग के बाद निगम सचिव व अन्य अधिकारियों को बुलाया। मेयर ने कहा कि मेरी डीसी साहब से बात हो चुकी है आप लोग डीसी साहब के ऑफिस का नाम लेकर पता नहीं कहां चले जाते हो। मेरी जनता परेशान होती रहती है। मुझे जनता ने बनाया है मुझे जनता के बारे में सोचना है। उन्होंने चेतावनी दी कि या तो आप अपना शेड्यूल बदल लें वरना फिर सरकार को शिकायत भेजेंगी।