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राजकीय सम्मान के साथ चौकी इंचार्ज को दी सलामी

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मनीष कुमार शर्मा को श्रद्धांजलि देते एसपी गंगाराम पूनिया। - फोटो : Hisar
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आरपीएफ में उकलाना चौकी प्रभारी मुनीष कुमार के शव को मंगलवार को पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के हवाले किया। इसके बाद आरपीएफ थाना में राजकीय सम्मान के साथ उनके पार्थिव शरीर को सलामी दी गई। सलामी देने के बाद आरपीएफ के जवान उनके पार्थिव शरीर को राजस्थान के जयपुर में बाजपुरा स्थित उनके घर तक छोड़ने भी गए। इस दौरान एसपी गंगाराम पूनिया सहित भारी पुलिस बल ने मुनीष कुमार शर्मा के पार्थिव शरीर को सलामी दी। मृतक मनीष कुमार का शव लेने उनके दो चाचा, एक मौसेरा व एक ममेरा भाई हिसार पहुंचे थे।
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एसआई मनीष कुमार की हत्या के दौरान उनके साथ मौजूद कांस्टेबल सतीश कुमार ने बताया कि मनीष कुमार राजस्थान के जयपुर में गांव बाजपुर के रहने वाले थे। वह लॉकडाउन के बाद परिवार सहित उकलाना में ही शिफ्ट होने वाले थे। जिसको लेकर कुछ दिन पूर्व ही उन्होंने नया फर्नीचर भी खरीदा था। फिलहाल वह सरकारी क्वार्टर में ही रह रहे थे।
एसआई मनीष कुमार शर्मा एक किसान के परिवार से संबंध रखते थे। उनकी शादी करीब 6 वर्ष पूर्व हुई थी। उनकी डेढ़ वर्ष का एक बेटा व 4 वर्ष की एक बेटी है। मनीष कुमार शर्मा आरपीएफ में वर्ष 2014 में सीधे एसआई के पद पर भर्ती हुए थे। इससे पूर्व वह एक वर्ष राजस्थान पुलिस में कांस्टेबल की नौकरी भी कर चुके थे। मनीष कुमार शर्मा उकलाना में दिसंबर 2018 में आए थे। उससे पूर्व जम्मू में ड्यूटी दे रहे थे। पिछले वर्ष ही उन्होंने अपने छोटी बहन की शादी की थी और इस वर्ष फरवरी में छोटे भाई की शादी की थी। छोटा भाई भी रेलवे में चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी है।
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कांस्टेबल सतीश कुमार ने बयान दिए कि सोमवार शाम करीब 7 बजे उन्हें सूचना मिली कि उकलाना-भूना रेलवे फाटक के बीच कुछ युवक बैठे हैं। जो किसी घटना को भी अंजाम दे सकते हैं। कांस्टेबल सतीश ने बताया कि इसके बाद वह व कांस्टेबल विनोद कुमार और चौकी इंचार्ज एसआई मनीष कुमार शर्मा तीनों वहां गश्त के लिए गए। इस दौरान वहां पर कुछ युवक बैठे दिखे। जिन्हें वहां से जाने के लिए कहा तो युवकों ने अपने-अपने हथियार निकाल लिए। उनमें से एक ने देसी कट्टे से एसआई मनीष कुमार शर्मा पर गोली चला दी। छाती पर गोली लगते ही चौकी इंचार्ज मनीष वहां गिर गए। गोली की आवाज सुनकर वहां लोग इकट्ठे हो गए और संदीप को मौके पर ही दबोच लिया। सतीश ने बताया कि यहां थाने में कुल 5 कर्मियों का स्टाफ था। जिनमें से एक इंचार्ज, एक हेड कांस्टेबल व तीन कांस्टेबल थे। फिलहाल एक कांस्टेबल छुट्टी पर था। कांस्टेबल सतीश कुमार ने बताया कि वारदात के समय रेलवे में फोर्थ क्लास कर्मी सीताराम बेलगिरी तोड़ने गया था, बल्कि वह नशेड़ियों के बैठे होने की सूचना पाकर गश्त पर गए थे।
आरोपी संदीप को आज किया जाएगा अदालत में पेश
पुलिस ने बताया कि झगड़े के दौरान आरोपी संदीप भी घायल हो गया था। जिसे उपचार के लिए अस्पताल में दाखिल करवाया गया। संदीप को बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा। संदीप ने पूछताछ में अपने साथियों के नाम पुलिस को बताए हैं। जिनमें चमारखेड़ा निवासी पवन उर्फ मोडी, खरकराम निवासी सुनील उर्फ सिला, मतलौडा निवासी मिट्टा व फौजी हैं। पुलिस ने बताया कि इन आरोपियों पर पहले भी कई मामले दर्ज हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि इस वारदात से पूर्व भी यहां कई नशेड़ी युवकों का झगड़ा हुआ था। इस वारदात के बाद मंगलवार को पुलिस ने उकलाना में कई नशे का अवैध कारोबार करने वाले व नशेड़ियों से पूछताछ की। फिलहाल पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
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