एडीजे वेद प्रकाश सिरोही की अदालत ने वर्ष 2018 के हत्या के मामले में मिर्जापुर गांव निवासी कुलदीप को मंगलवार को दोषी करार दिया। अदालत दोषी को 12 मार्च को सजा सुनाएगी।
उल्लेखनीय है कि फतेहाबाद जिले के दहमन गांव निवासी राजेंद्र ने बताया कि वह अनुसूचित जाति से संबंध रखता है और उसका छोटा भाई प्रदीप हिसार में पुलिस भर्ती के लिए कोचिंग ले रहा था। इस बीच वह रविवार को अपने घर पर आता था। 8 जून साल 2018 में वह अपने घर पर आया हुआ था। रात करीब 9 बजे मिर्जापुर गांव निवासी कुलदीप घर आया और कुछ देर तक रुका। इसके बाद रात 10 बजे कुलदीप अपने दोस्त से मिलवाने के लिए प्रदीप को अपनी बाइक पर बैठा कर अपने साथ ले गया। जब देर रात तक घर नहीं आए तो रात करीब 1 बजे प्रदीप को फोन किया और प्रदीप ने उससे कहा कि वह गांव में ही है और सुबह गांव से हिसार जाएंगे। मगर 9 जून को अग्रोहा थाने से उनके पास फोन आया और प्रदीप का शव अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में रखा है, आप भी पहुंच जाए। उसके शक था कि कुलदीप ने अन्य लोगों के साथ योजनाबद्द तरीके से हत्या की है। इसके बाद पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर कुलदीप केे गिरफ्तार कर लिया था।