एडीजे जयबीर हुड्डा की अदालत ने मर्डर के एक गवाह को गोली मारकर जानलेवा हमला करने के जुर्म में गांव गुराना के मंगलसैन को उम्रकैद और 65 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर उसे एक साल की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
अभियोग के अनुसार गुराना के गुलाब सिंह को 26 अगस्त 2013 को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। उसे यहां सपरा अस्पताल में दाखिल कराया गया था। चिकित्सकों ने उसे अनफिट करार दिया था। गुराना के धर्मबीर ने पुलिस को बयान देकर कहा था कि बीती रात वह और उसका भाई गुलाब सिंह अपनी ढाणी में बैठे बतिया रहे थे। तभी गांव का मंगलसैन आया और कहने लगा हमारी भैंस गुम हो गई है। यहां आए तो बांध लेना। यह कहकर वह गुलाब को कुछ दूर ले गया। उसे छोड़कर गुलाब आने लगा तो मंगलसैन ने पिस्तौल निकालकर उसकी पीठ में गोली मार दी। उसका भाई जमीन पर गिर पड़ा और मंगलसैन फरार हो गया। उसने बयान में कहा था कि मंगलसैन वगैरह पर गांव के धारा नामक आदमी की हत्या का केस दर्ज हुआ था। गुुलाब उस मामले में गवाह है। इसी रंजिश के चलते मंगलसैन ने उसके भाई को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल किया है। नारनौंद थाना पुलिस ने इस संबंध में नामजद के खिलाफ हत्या प्रयास का केस दर्ज किया था।
हत्या प्रयास और आर्म्स एक्ट में सुनाई सजा
नारनौंद थाना पुलिस ने बाद में आरोपी मंगलसैन को गिरफ्तार किया था। अदालत ने मुकदमे से जुड़े हर साक्ष्य पर गौर करते हुए मंगलसैन को हत्या प्रयास का दोषी मानकर उसे उम्रकैद और 60 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अलावा आर्म्स एक्ट के तहत तीन साल की कैद और पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।