माई सिटी रिपोर्टर
हिसार। बारह क्वार्टर निवासी किशोर गणेश की मौत मामले में परिजनों ने बुधवार को दूसरे दिन भी पोस्टमार्टम नहीं कराया। अनुसूचित वर्ग के लोगों व संगठनों के सदस्य नागरिक अस्पताल परिसर में धरने पर रहे। संगठनों ने दोपहर बाद नायब तहसीलदार नवदीप राठी को मांगपत्र सौंपा।
इसमें एचटीएम थाना प्रभारी, बारह क्वार्टर चौकी प्रभारी, नई सब्जी मंडी चौकी प्रभारी सहित मारपीट करने वाले सभी पुलिस कर्मचारियों पर हत्या, एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज करने की मांग की। पीड़ित परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा, मामले की न्यायिक जांच और एसपी के तबादले की मांग भी रखी।
धरनास्थल पर पहुंचे घायल आकाश के पिता बलदेव ने कहा मेरे बेटे से पुलिस ने दबाव देकर जबरदस्ती बयान दिलवाए। उस बयान को वीडियो में रिकॉर्ड कर मीडिया-सोशल मीडिया को दिया। उस वीडियो में साफ दिख रहा है कि किस तरह से आकाश को डरा कर उससे बयान दिलवाए जा रहे हैं।
बलदेव ने कहा कि मेरे बेटे को बुरी तरह से पीटा गया। वह चलने तक की हालत में नहीं है। पहले हमें पैसे देकर बयान बदलने को कहा जब मैंने मना कर दिया तो बेटे पर दबाव देकर उसे डरा धमका कर बयान दिलाया। वह बयान अदालत में मान्य नहीं होगा। अगर सच्चाई जाननी है तो न्यायिक अधिकारी के सामने बयान दिलाओ।
12 गाड़ियों में आए पुलिसकर्मियों ने मेरे बेटे, गणेश व अन्य लोगों को लाठियों से बुरी तरह से पीटा है। न्याय मिलने तक हम धरनास्थल पर ही रहेंगे। सिविल अस्पताल परिसर में बुधवार को सुबह मृतक और घायलों के परिजन एवं जन संगठनों के सदस्य सीएमओ कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे। जन संगठनों के सदस्यों ने कहा कि दो दिन में न्यायिक जांच नहीं हुई तो हाईकोर्ट में याचिका डालेंगे। धरना स्थल पर साहिलदीप कसवां, गौतम सरदाना समर्थन देने पहुंचे।
एसपी शशांक कुमार ने कहा कि निष्पक्ष जांच करवाने के लिए तैयार हैं, लेकिन मृतक के परिजन न शिकायत दे रहे हैं और न ही पोस्टमार्टम करवा रहे हैं।