डी प्लान की करोड़ों की पेमेंट लैप्स होने स्थिति बनने पर नगर निगम अधिकारियों में सोमवार को खलबली मच गई। अधिकारियों ने शहर में छवि खराब न हो इसको लेकर जैसे तैसे करोड़ों की पेमेंट लैप्स होने से बचाने के लिए नियम ताक पर रखकर प्रयास करने शुरू कर दिए हैं। अधिकारियों ने ठेकेदारों को मनाकर शुक्रवार को कुछ कार्यों की नींव रखवा दी और उनके रनिंग बिल बनाकर पास करवाने की तैयारी कर ली है। इतना ही नहीं टेक्निकल ब्रांच ने मेयर व नगर निगम अधिकारियों को साथ लेकर देर शाम को कार्यों की मॉनिटरिंग भी करवा दी।
दो मिनी हाईमास्ट लाइटों का बेस बनाया, दिखाया 10 प्रतिशत काम पूरा
डी प्लान की पेमेंट लैप्स होने के मामले से अधिकारियों में मची खलबली के चलते अधिकारी काम चालू दिखाने के प्रयास में हैं। सोमवार को ही शहर में लगाई जाने वाले 75 हाईमास्ट लगाने का ठेका लेने वाले ठेकेदार से दो पोल के गड्ढे खुदवाकर उसमें फाउंडेशन भरवाकर निगम ने कागजों में वर्तमान स्टेट्स रिपोर्ट में 10 प्रतिशत काम पूूरा दिखा दिया। यानी हर काम को चाहे वह दो महीनों से बीच में ही पड़ा हो उसे रनिंग दिखाकर उसके बिल बनवाए जा रहे हैं।
सवा दो करोड़ में से 66.63 लाख के छोटे छोटे काम ही दिखाए पूरे
खलबली मचने के बाद नगर निगम द्वारा तैयार की गई स्टेटस रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि सवा दो करोड़ रुपये में से अभी भी नगर निगम केवल 66.33 काम को ही पूरा दिखाया है।
1 करोड़ 58 लाख 37 हजार के काम पर लटकी तलवार
नगर निगम के अधिकारियों की लापरवाही के कारण करीब 1 करोड़ 58 लाख 37 हजार के काम पर तलवार लटकी हुई है। हालांकि इसमें से करीब 60 लाख रुपये का काम ऐसा है जिसे रनिंग में दिखाकर नगर निगम के अधिकारी पेमेंट पास करवा सकते हैं। इसके बावजूद भी करीब 1 करोड़ का काम अटक जाएगा।
एक्सईएन अभी भी मानने को तैयार नहीं बोले सभी का रनिंग में
नगर निगम के एक्सईएन रामजीलाल से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि हमारे सारे काम रनिंग में है कोई काम ऐसा नहीं जो शुरू नहीं हुआ। डी प्लान का एक भी पैसा लैप्स नहीं होगा।