सेक्टरों की सफाई के लिए नगर निगम द्वारा लगाए गए 1 करोड़ 95 लाख के टेंडर में राजनीतिक बू आ रही है। निगम अधिकारियों पर आरोप है कि राजनीतिक पार्टी से जुड़े रोहतक के एक ठेकेदार को टेंडर दिलवाने के लिए रोहतक व सिरसा से आए अधिकारियों ने पहली बार ऐसी कंडीशन लगा दी है जिसको केवल प्रदेश भर की ही दो से तीन फर्म पूरी कर रही हैं। मामला अब कोर्ट में पहुंच गया है, जिसको लेकर दूसरे ठेकेदारों ने कोर्ट में स्टे के लिए अपील किया है।
फर्म ने अधिकारी को धमकाया
नगर निगम ने हुडा सेक्टरों की सफाई ठेके पर देने के लिए 2 सितंबर को टेंडर लगाया था। यह टेंडर 14 को यानी बुुधवार को ओपन होना था। मगर कंडीशन को चैलेंज करते हुए एक फर्म ने कोर्ट में अपील डाल दी। कोर्ट ने इस मामले में कमिश्नर / ईओ को नगर निगम की तरफ से पार्टी बनाकर नोटिस जारी कर दिया, जिसके संबंध में 14 सितंबर की तारीख रखी गई थी। जब निगम को इस बारे में जवाब पेश करना था तो सुबह ही रोहतक जिले का एक व्यक्ति निगम कार्यालय पहुंच गया। उसने निगम के अधिकारी को आते ही धमकाना शुरू कर दिया और धमकी दी। उसने अधिकारी को कहा कि आपने जो पैनल वाला वकील किया है वह तो केस हरा देगा। इसी बात को लेकर उक्त व्यक्ति व अधिकारी की आपस में खींचतान हो गई। फर्म मालिक व अधिकारी की इसी बात को लेकर खूब झड़प हुई। आपस में भिड़ते हुए अधिकारी व फर्म मालिक गेट तक पहुंच गए। कर्मचारियों ने अधिकारियों ने बीचबचाव कर एक दूसरे को अलग अलग किया।
हिसार में पहली बार लगी अलग कंडीशन
अधिकारियों पर आरोप है कि इस टेंडर में पहली बार ऐसी कंडीशन लगाई गई है जो दूसरे किसी निगम या सीएम सिटी तक में नहीं है। वर्तमान में निगम में लगाए गए टेंडर की कंडीशन
1. तीन साल के लिए ठेका दिया जाएगा और 2 साल एक्सटेंड किया जा सकता है।
2. 10 करोड़ रुपये हर वर्ष यानी पिछले 3 सालों में 30 करोड़ के संबंधित फर्म पर वर्क रहे हों।
3. जो कंपनी ठेका ले वह आईएसओ सर्टिफाइड होनी चाहिए।
ये देखिए दूसरे शहरों व विभागों की कंडीशन
हिसार निगम वर्ष 2013 का टेंडर
- पहली शर्त 1 साल में एक करोड़ यानी पिछले तीन साल 3 करोड़ की कीमत से अधिक का काम किया हुआ हो। दूसरी शर्त केवल एक साल के लिए टेंडर दिया गया। तीसरी शर्त कोई आईएसओ सर्टिफाइड नहीं चाहिए।
हुडा द्वारा 2015-16 की कंडीशन
पहली शर्त एक साल के लिए ठेका। दूसरी शर्त कम से कम तीन साल का अनुभव, तीसरा एस्टीमेट कॉस्ट की 80 प्रतिशत राशि का वन ईयर का वर्क किया हुआ हो।
सोनीपत नगर निगम 26 फरवरी 2016 को हुए टेंडर में
पहली शर्त एक साल के लिए टेंडर दिया जाएगा। पिछले तीन साल में तीन करोड़ तक के वर्क लिए गए हों। कोई आईएसओ सर्टिफाइड नहीं।
सीएम सिटी करनाल- वर्ष 2015-16
पहली कंडीशन एक साल का टाइम पीरियड। दूसरी कंडीशन 2 करोड़ हर वर्ष यानी तीन साल में छह करोड़ तक के टेंडर लिए हुए हों। आईएसओ की जरूरत नहीं।
हिसार कैंट (सेना क्षेत्र) 10 जुलाई 2016 का टेंडर
पहली कंडीशन एक साल का टाइम पीरियड। दूसरी एक साल में कम से कम 1 करोड़ तक का काम लिया हुआ हो। तीसरी अनुभव कम से कम तीन साल का हो।
पुराने ठेकेदार की भी नहीं हुई पेमेंट
हुडा से निगम में आए सभी सेक्टरों के सफाई संबंधित टेंडर को लेकर हुए विवाद का खामियाजा सेक्टरवासियों को भुगतना पड़ सकता है। जिस ठेेकदार के पास ठेका है उसको एक्सटेंड कर दिया गया है।
टेंडर को लेकर मामला कोर्ट में पहुंच गया है। यह टेंडर मेरे आने से पहले कंडीशन बनाकर लगाया गया है। ठेकेदार की ओर से धमकी देने का मामला सच है।
- राजेश महता, सचिव नगर निगम