हिसार। सांसद जयप्रकाश ने कहा कि प्रदेश में जलघरों और नहरों की सफाई का कार्य सही से नहीं हो रहा है, और न ही पानी में दवाओं का उचित उपयोग किया जा रहा है। ऐसे में इंदौर जैसी घटना यहां भी घट सकती है। वे रविवार को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया। वे यहां कार्यकर्ताओं से मुलाकात करने पहुंचे थे।
सांसद जयप्रकाश ने कहा कि इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के मामले को देखते हुए प्रदेश में जलघरों और नहरों में भारी गाद जमा हो गई है, खासकर बाढ़ और जलभराव के बाद। लेकिन सरकार ने इन जलघरों और नहरों की सफाई का कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। मनरेगा के तहत पहले जलघरों, नालों और नहरों की नियमित सफाई होती थी, लेकिन अब यह कार्य भी बंद कर दिया गया है, जिससे लोगों को दूषित पानी मिल रहा है। उन्होंने मिंगनीखेड़ा के ग्रामीणों का उदाहरण दिया, जिनसे निराश होकर उन्होंने खुद ही जलघर की सफाई करवायी।
मनरेगा के बारे में सांसद ने कहा कि केंद्र ने राज्यों को 40 प्रतिशत की हिस्सेदारी दे दी है, जबकि प्रदेश सरकार 10 प्रतिशत भी नहीं दे रही है। सरपंचों ने उन्हें बताया कि पंचायतों के पक्के बिल तक लंबित हैं। जयप्रकाश ने आरोप लगाया कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटा दिया गया है, और अन्य योजनाओं के नाम बदलने का काम भी किया जा रहा है, जो गलत है।
जाति-धर्म पर वोट मांगना गलत
सांसद जयप्रकाश ने भाजपा नेता मनीष ग्रोवर के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि लोकतंत्र में जाति और धर्म के नाम पर वोट मांगना गलत है। उन्होंने कहा कि अगर मनीष ग्रोवर ने अच्छा काम किया होता तो जनता उन्हें वोट देती। जयप्रकाश ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यकाल की सराहना की और कहा कि हुड्डा सरकार ने काफी विकास कार्य किए थे। हुड्डा से जुड़े जमीन मामले पर उन्होंने कहा कि यह न्यायालय में है और हुड्डा के खिलाफ कोई आरोप पत्र नहीं दाखिल हुआ है। सांसद ने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था पर विफल होने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी पार्टी मनरेगा और जनहित के मुद्दों पर बड़े आंदोलन की योजना बना सकती है।