गांव नगूरां में शुक्रवार देर शाम जहरीला खाना खाने से मां और दो बेटियां गंभीर रुप से बीमार हो गई। तीनों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां पर मां और बड़ी बेटी की मौत हो गई।
जबकि दूसरी बेटी जिंदगी और मौत से जूझ रही है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। गांव नगूरां निवासी जोगेंद्र की पत्नी गीता (45), उसकी बेटी सोनिया (18) और स्वीटी (16) को शुक्रवार रात गंभीर हालत के कारण निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां देर रात उपचार के दौरान गीता और सोनिया की मौत हो गई। जबकि स्वीटी की हालत गंभीर बनी हुई है।
मृतका गीता के पिता गांव सिंध्वीखेड़ा निवासी चंद्र सिंह ने बताया कि सुरसरी से बचाने के लिए गेहूं की टंकी में सल्फास की गोलियां रखी हुई थी। शुक्रवार को गेहूं पिसवाया गया गया था। शाम को रोटियां बनाने के बाद तीनों मां-बेटियों ने खाना खाया। उस दौरान परिवार के अन्य सदस्य बाहर थे।
खाना खाने के बाद ही तीनों को उल्टियां आनी शुरू हो गई। परिजनों ने तीनों को गंभीर हालत में शहर के निजी अस्पताल में पहुंचाया। जहां पर गीता और सोनिया की मौत हो गई। जबकि स्वीटी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है।
जांच अधिकारी ओमप्रकाश ने बताया कि जहरीला खाना खाने से मां-बेटी की जान गई है। जबकि दूसरी लड़की की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने मृतक मां तथा बेटी का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया।