गवर्नमेंट कॉलेज में शनिवार को ग्रेजुएशन में दाखिले के लिए फिजिकल प्रेजेंस हुई। जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। बीए में सबसे अधिक विद्यार्थी दाखिले के लिए पहुंचे। जिसके कारण दोपहर बाद बीए के विद्यार्थियों की मेरिट लगाई जा सकी। विद्यार्थियों की संख्या का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कॉलेज की बड़ी पार्किंग भरने के बाद वाहनों की कतार मुख्य गेट तक पहुंच गई थी। शाम 4 बजे के बाद मेरिट लिस्ट लगाई जा सकी।
कॉलेज में इतनी भारी भीड़ का कारण गवर्नमेंट द्वारा गवर्नमेंट कॉलेजों में 20 प्रतिशत सीटें बढ़ाना भी रहा। जिसके कारण कम अंकों वाले विद्यार्थी भी दाखिले के लिए पहुंच गए। जिससे कॉलेज प्रशासन को भी भारी समस्याओं का सामना करना पड़ा। कॉलेज में बीए में दाखिला लेने के लिए तीन सौ से अधिक विद्यार्थी फिजिकल रूप से उपस्थित हुए। जबकि बीए में केवल 71 सीटें ही बची हुई थी।
जिनमें से 24 सीटें जनरल और 47 सीटें रिजर्व कैटेगरी के लिए थी। बीए में दाखिले के लिए सबसे अधिक विद्यार्थी आए। वहीं बीकॉम में जनरल कैटेगरी में विद्यार्थियों को दाखिले के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा। बीकॉम की न्यूनतम मेरिट 84.6 प्रतिशत तक रही।
पार्किंग पड़ गई छोटी
विद्यार्थी व अभिभावक अपने अपने वाहनों के साथ दाखिले के लिए कॉलेज में आए। जिससे कॉलेज की पार्किंग सुबह साढ़े 10 बजे ही पूरी तरह से भर गई। जिसके बाद विद्यार्थियों को अपने वाहन रोड़ के दोनों और खड़े करने पड़े। धीरे-धीरे वाहनों की कतार कॉलेज के बाहर वाले गेट तक पहुंच गई। जिससे जाम जैसी स्थिति हो गई। बाद में करीब 1 बजे मेरिट लिस्ट लगने के बाद कॉलेज से भीड़ छंटनी शुरू हुई।
विद्यार्थी खुश तो कॉलेज प्रशासन रहा परेशा
कॉलेज में फिजिकल प्रेजेंस के तहत हजारों विद्यार्थी दाखिले के लिए पहुंचे थे। प्रत्येक विद्यार्थी के चेहरे पर खुशी और दाखिले की उम्मीद साफ दिख रही थी। लेकिन कॉलेज प्रशासन की मुसीबत लगातार बढ़ती जा रही थी। एक तरफ पोस्ट ग्रेजुएशन में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों की भीड़ तो दूसरी तरफ फिजिकल प्रेजेंस के तहत दाखिला लेने आए हजारों विद्यार्थियों के डॉक्यूमेंट वैरिफाई करना। इसके अलावा कॉलेज शुरू होने के बाद दर्जनभर कक्षाओं में आए विद्यार्थी। इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को संभालना कॉलेज प्रशासन के लिए मुसीबत बन गया। पूरा स्टॉफ दाखिला प्रकिया में ही लगा रहा। जो कि देर शाम तक पूरी हो पाई।
21 जुलाई को हुई थी 20 प्रतिशत सीट बढ़ाने की घोषणा, अब तक नहीं पहुंचा लेट
शिक्षा मंत्री ने 21 जुलाई को उच्चतर शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ मीटिंग करने के बाद 20 प्रतिशत सीटें बढ़ाने की घोषणा की थी। जिसके बाद दाखिले से वंचित विद्यार्थियों के चेहरे खिल गए थे। विद्यार्थी शनिवार को दाखिले के लिए कॉलेजों में पहुंचे तो कॉलेज प्रशासन ने उन्हें सीटें बढ़ने को लेकर किसी भी प्रकार का लेटर नहीं मिलने की बात कही। जिससे विद्यार्थियों को मायूसी के साथ वापिस लौटना पड़ा। उम्मीद जताई जा रही है कि सोमवार तक लेटर मिल सकता है। जिसके बाद विद्यार्थियों की दाखिला प्रकिया दोबारा शुरू की जाएगी और दाखिले से वंचित विद्यार्थी दाखिला ले सकेंगे।
दाखिले के लिए सीटें बहुत कम थी। लेकिन बड़ी संख्या में विद्यार्थी आए। इसका एक कारण उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा सीटें बढ़ाने की घोषणा करना भी रहा। लेकिन हमारे पास अब तक कोई ऐसा लेटर नहीं आया है, जिसके तहत सीट बढ़ाकर दाखिला दिया जा सके। लेटर मिलते ही दाखिला प्रकिया शुरू कर दी जाएगी।
-एमएल गोयल, कार्यकारी प्राचार्य, गवर्नमेंट कॉलेज हिसा