मिलगेट एरिया की पार्षद अनीता रानी के वार्ड में सीवरेज लाइन में टूटी हुई रिजेक्ट पाइप लगाने के मामले में एक्सईएन पब्लिक हेल्थ ने जांच टीम गठित कर दी है। मगर इसमें खेल कर दिया गया है। उन अधिकारियों को ही पांच करोड़ के इस काम में लगे घोटाले के आरोपों की जांच सौंप दी गई है जिनकी देखरेख में यहां काम हुए हैं। पार्षद प्रतिनिधि ने उच्च अधिकारियों के भी इस मामले में मिले होने का आरोप लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि एक्सईएन पब्लिक हेल्थ ने चार इंजीनियर की जांच कमेटी बनाई है। इस कमेटी में एक जेई को छोड़कर बाकी तीन वे ही अधिकारी हैं जिनकी इस काम के दौरान ड्यूटियां रही हैं।
चीफ इंजीनियर ने किए थे पाइप रिजेक्ट
पार्षद प्रतिनिधि ने आरोप लगाए हैं कि जिस फर्म को ठेका दिया गया था उसके सीवरेज लाइन के पाइपों को चंडीगढ़ से आए चीफ इंजीनियर ने रिजेक्ट कर दिया था। चीफ इंजीनियर ने कहा था कि ये पाइप रिजेक्ट हैं इन्हें लाइनों में लगाया जाना ठीक नहीं। उनका आरोप है कि इसके बावजूद रातों रात फर्म ने अधिकारियों से मिलीभगत कर ये ही पाइप लगा दिए। उन्होंने कहा कि फर्म के मालिक राजनीतिक पहुंच रखते हैं और अधिकारी भी उनसे मिले हुए हैं।
बोरियां लगाकर कर दिए थे ज्वाइंट
पार्षद प्रतिनिधि सतीश ने आरोप लगाया था कि उनके वार्ड में करोड़ों रुपये की कीमत से सीवरेज लाइन डाली जा रही है। इस सीवरेज लाइन का न तो कोई लेवल है और न ही सामग्री सही लगाई है। दो साल से मेन लाइन में सीवरेज कनेक्शन तक नहीं हो पाए हैं। हाल ही में कुछ कनेक्शन किए गए जहां पर बोरियां लगाकर ज्वाइंट कर दिए गए।
ये बनाई कमेटी
एसडीई प्रेम चंद, एसडीई केके जैन, जेई संजय दूहन व जेई नरेश जांगड़ा। पार्षद प्रतिनिध का कहना है कि इनमें से तीन अधिकारियों की इस काम के दौरान ड्यूटियां रही हैं। केवल एसडीई केके जैन की ड्यूटी नहीं लगी।
एजेंसी से ही करवाएगी काम पूरा
एक्सईएन पब्लिक हेल्थ ने कमेटी को यह भी निर्देश दिए हैं कि जो काम अधूरा है वह काम भी कमेटी अपनी देखरेख में पूरा करवाए। अगर काम कहीं अधूरा है वह किसी और एजेंसी से नहीं बल्कि इसी एजेंसी से ही करवाया जाए।
15 दिन में मांगी रिपोर्ट
एक्सईएन जसवंत सिंह ने यह जांच कमेटी बनाई है। इस कमेटी को निर्देश दिए गए हैं मामले की जांच की जाए। जांच रिपोर्ट 15 दिन के अंदर अंदर सौंपी जाए। कमेटी के गठन के बाद टीम ने जांच शुरू कर दी है। दो से तीन जगह ज्वाइंट भी चेक किए गए हैं।
कार्य एक नजर में
4 करोड़ 95 लाख रुपये की लागत से काम हुआ। वर्ष 2012 से काम शुरू किया गया था। रायपुर रोड गवर्नमेंट कॉलोनी से लेकर कौशिक नगर तक 20 इंची, कैंची चौक से रामनगर तक 20 इंची और 12 इंची लाइन डाली है, जिसमें सेक्टर 1-4 चौक तक 20 इंची लाइन डाली गई। आगे राम नगर तक 12 इंची लाइन है। छोटी गलियों में आठ इंची लाइन डाली गई है।
ये लगे आरोप
आरोप है कि विश्वकर्मा कॉलोनी गली नंबर 1 में 8 इंची लाइन का आज तक बड़ी लाइन में कनेक्शन नहीं किया। जो पैसा विभाग को मेंटेनेंस में खर्च करना चाहिए उस पैसे से ठेकेदार को बचाने के लिए टैंकर से पानी निकालने में खर्च कर रहा है। मिर्जापुर रोड मेन होल में लिपाई नहीं हुई और नीचे बेड भी नहीं डाला। कई मेन होल ही गायब हैं। लाइनों में रोडे़ व रेत भरा हुआ है। गीता कॉलोनी पर मेन होल बना दिए जो तीन से चार फुट तक जमीन में दबे हुए हैं। नेताजी कॉलोनी, योग नगर, आदर्श नगर में लाइन डाली, जिसकी आज तक सफाई नहीं हुई।