खुली जीप में सवार होकर सिवानी मंडी पहुंचीं प्रतिभा।
- फोटो : 1
सिवानी मंडी। पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ की मेधावी छात्रा प्रतिभा भांभू ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक से असली और नकली (क्लोन) आवाजाें की पहचान की है। इस तकनीक को भारत सरकार के कॉपीराइट कार्यालय ने आधिकारिक मान्यता मिल गई है। इस खुशी में बुधवार को खुली जीप में सवार होकर सिवानी मंडी में पहुंचीं प्रतिभा का नए बस स्टैंड से गुरेरा मोड़ तक स्वागत किया गया। महिलाओं ने आरती उतारी और फूल बरसाए। घर पहुंचने पर आयोजित सम्मान समारोह में प्रतिभा का जयकारों के बीच अभिनंदन हुआ।
प्रतिभा ने कहा कि यह शोध कार्य विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों में शामिल प्रोफेसर केवल कृष्णन के निर्देशन में पूरा हुआ। इस प्रोजेक्ट में नौ शोधार्थी शामिल थे, जिनमें आठ महिलाएं थीं। प्रतिभा ने कहा कि एआई अपराध के बजाय सच्चाई की पहचान बन सकती है। अगर परिवार बेटियों को खुला आसमान दे, तो वे चांद-सितारे तक छू सकती हैं। अपने दादा भजनलाल भांभू को याद करते हुए प्रतिभा ने कहा कि वे हमेशा समाज की मदद करने वाले ज्ञान को ही सार्थक बताते थे। यह सफलता उन्हाेंने दादा को समर्पित की। उनकी मां प्रमिला भांभू ने कहा कि प्रतिभा की यह सफलता हर बेटी की प्रेरणा है।
नगर की सामाजिक संस्थाओं और महिला संगठनों ने प्रतिभा को स्मृति चिह्न और मालाओं से सम्मानित किया। इस मौके पर युवा उद्योगपति और समाजसेवी अमित लोहिया, पूर्व सरपंच सतपाल गोदारा, पंजाबी सभा के प्रधान कपिल तनेजा, वंदना केडिया, पार्षद भीम शर्मा, पार्षद दीपक शर्मा, पार्षद कुलदीप बिश्नोई, पार्षद मांगेराम बिश्नोई आदि मौजूद रहे।