भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा पर दूध चढ़ाते डॉ. संजय कृष्ण सलिल।
हिसार। रामपुरा मोहल्ला स्थित श्रीविश्वकर्मा धर्मशाला में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन श्रीधाम वृंदावन से पधारे बांके बिहारी का दुग्ध से अभिषेक किया गया। कथा व्यास डॉ. संजय कृष्ण सलिल ने भक्त अजामिल का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि सांसारिक दोषों के कारण पतित हुए अजामिल को संतों की कृपा से मुक्ति मिली। पुत्र के नाम के कारण ही उसे प्रभु के धाम की प्राप्ति हुई।
उन्होंने कहा कि प्रभु का नाम लेने मात्र से संसार के सभी बंधन कट जाते हैं और चतुर्थ पुरुषार्थ की प्राप्ति होती है। प्रभु के नाम का स्मरण करने वाले का यमदूत भी कुछ नहीं बिगाड़ सकते। उन्होंने श्रद्धालुओं से मन को भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में लगाने का आह्वान किया।
कथा में गजेंद्र मोक्ष, बलि-वामन चरित्र और श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग भी सुनाया गया। कृष्ण जन्म पर पूरा पंडाल भक्तिमय हो उठा और ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैयालाल की’ के जयघोष गूंज उठे। इस दौरान ओमप्रकाश थरेजा, आशा थरेजा, बाबूराम लोहिया, मोहन लाल गोयल, हरी सिंह बेनीवाल और पवन सिंगला आदि शामिल रहे।