फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hisar News: पैसों के लिए एक घंटे में 27 बार कॉल की, चाचा-भतीजे सहित चार पर प्राथमिकी

विज्ञापन
12 क्वार्टर रोड ​​स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम मालिक मृतक प्रवीण उर्फ हैप्पी की पत्नी प्रीति को ढ
विज्ञापन
हिसार। इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम संचालक प्रवीण उर्फ हैप्पी के खुद को गोली मारकर आत्महत्या करने के मामले में पुलिस ने शुक्रवार को फाइनेंसर और उसके भतीजे सहित चार आरोपियों पर प्राथमिक दर्ज कर ली। मामला तब बिगड़ गया जब आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक परिजनों ने प्रवीण का शव लेने से इन्कार कर दिया। हालांकि पुलिस के उच्चाधिकारियों द्वारा आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन देने पर वे मान गए। अग्रोहा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर शाम चार बजे परिजन शव घर ले आए। परिजनों ने बताया कि आरोपियों ने वीरवार को महज एक घंटे में 27 बार कॉल कर रकम लौटाने के दबाव बनाया जबकि वे पैसे देने को तैयार थे।
विज्ञापन

एचटीएम थाने से जांच अधिकारी राकेश कुमार के मुताबिक 12 क्वार्टर क्षेत्र स्थित रूपनगर निवासी चरणजीत चोपड़ा की रिपोर्ट पर फाइनेंसर सुरेश और उसके भतीजे गोलू पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। इससे पहले अग्रोहा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रवीण के परिजनों और परिचितों ने आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक शव लेने से साफ इन्कार कर दिया। पुलिस ने मनाने का प्रयास किया फिर भी वे अपनी मांग पर अडे़ रहे। दोपहर बाद पहुंचे एएसपी सुनील कुमार ने परिजनों को बताया कि आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस आश्वासन के बाद शव लेने को तैयार हो गए और हिसार में अंतिम संस्कार कर दिया।
बदहवास हालत में पत्नी बोलीं-मुझे न्याय चाहिए
प्रवीण की मौत के बाद से पत्नी प्रीति बदहवास हालत में है। वह एक ही बात कह रही है कि उसे न्याय चाहिए। उसके पति को जिन लोगों ने मरने के लिए मजबूर किया है उनके साथ भी वैसा ही हो। प्रीति और परिवार के अन्य लोगों को ढांढस बंधाने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे । प्रीति आंगन में एक कोने में गुमसुम बैठी न्याय और अपने बच्चों की सुरक्षा की गुहार लगा रही थी। उसने बताया कि उनकी जान को भी खतरा है। हमने थोड़े-थोड़े कर पैसे लिए थे और आरोपी एक साथ सारी रकम लौटाने का दबाव बना रहा था। 20 लाख के लोन के बदले हर महीने ब्याज के तौर पर 50 हजार रुपये देते थे। वीरवार सुबह 11.30 से साढे़ 12 बजे तक सुरेश ने 27 बार कॉल कर पैसे देने का दबाव बनाया। प्रवीण के भाई चरणजीत ने बताया कि हम सबसे पहले आरोपियों की गिरफ्तारी चाहते हैं। वे प्रदेश छोड़कर चले जाएं इससे पहले पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर ले।
विज्ञापन

20 लाख की जगह मांग रहे थे 25 लाख
चरणजीत ने बताया कि उन्होंने 20 लाख रुपये का लोन लिया था जिसे एक सितंबर को चुकाना था। रुपयों का इंतजाम भी कर लिया था। वीरवार सुबह दुकान खोली तो पड़ाव एरिया निवासी फाइनेंसर सुरेश और उसका भतीजा गोलू भासी दुकान पर आ गए। वे 20 लाख रुपये की जगह 25 लाख रुपये चुकता करने पर अड़े रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें