हिसार। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के पूर्व विद्यार्थी एवं वरिष्ठ पत्रकार रोहित सरदाना के निधन से पूरे विवि में शोक की लहर है। वे विवि के ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश का गौरव थे। उनके निधन पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार और मास कम्यूनिकेशन विभाग के शिक्षकों ने श्रद्धांजलि प्रकट की। रोहित ने विश्वविद्यालय से 2002-04 के बैच में मास कम्यूनिकेशन की डिग्री हासिल की थी।
विवि में मास कम्यूनिकेशन विभाग के प्रो. विक्रम कौशिक बताते हैं कि रोहित जब भी विश्वविद्यालय में आते थे तो ऐसे आते थे जैसे अब भी वे यहीं के विद्यार्थी हैं। कोई भी शिक्षक उन्हें रोहित जी कहकर बुलाते तो, वो कहते थे कि मेरे नाम के आगे जी मत लगाओ सर, मैं आपके लिए वही रोहित सरदाना हूं।
स्लीव को ऊपर चढ़ा लेते थे, बच्चों के बीच बैठकर करते थे बात
रोहित सरदाना ने कभी भी विवि के आमंत्रण को नहीं ठुकराया। वे जब भी विवि आते और विद्यार्थियों से मिलते थे तो अपनी स्लीव ऊपर चढ़ा लेते और उनके साथ दोस्तों की तरह बात करते। बेंच पर उनके साथ बैठते और उनका मार्गदर्शन करते। विभाग के शिक्षक कहते हैं कि रोहित एक साधारण से परिवार का लड़का था और कड़ी मेहनत से स्टूडियो की चकाचौंध तक पहुंच गया, लेकिन उसने कभी शिक्षकों का आदर करना नहीं छोड़ा।
हमेशा कैंटीन पर पीते थे चाय
रोहित जब भी विश्वविद्यालय आते थे, विद्यार्थियों से दोस्तों की तरह बात करते थे। उनके लिए जब भी चाय मंगवाई जाती थे तो कहते थे कि चाय कैंटीन पर ही पीएंगे। विभाग के शिक्षक प्रो. विक्रम कौशिक ने बताया कि रोहित ने यहां के कई विद्यार्थियों को इंटर्नशिप करवाई और बहुत से विद्यार्थियों को नौकरी दिलवाई थी।
विवि कोर्ट के मेंबर थे रोहित
रोहित सरदाना चार वर्ष तक विश्वविद्यालय के बोर्ड ऑफ स्टडीज के मेंबर रहे। फिलहाल वे विवि कोर्ट के मेंबर थे।
पूर्व छात्र रोहित के निधन से गहरा दुख
रोहित न केवल हिसार व विश्वविद्यालय का गौरव थे, बल्कि हरियाणा के भी गौरव थे। वे विश्वविद्यालय के प्रति गहरा स्नेह रखते थे। उन्हें जब भी बुलाया जाता, विश्वविद्यालय आते थे और जूनियर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते थे। रोहित के निधन से देश के साथ-साथ विश्वविद्यालय परिवार बेहद दु:खी है। भगवान से प्रार्थना है कि भगवान उनके परिवार को असीम दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करे।
- प्रो. टंकेश्वर कुमार, कुलपति, गुजवि।