अग्रोहा। अग्रोहा स्थल टीले पर पुरातत्व विभाग की ओर से टीले की खोदाई का कार्य लगातार जारी है। इस दौरान स्थल टीले पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के पंडित दीनदयाल उपाध्याय पुरातत्व संस्थान ज्ञान केंद्र ग्रेटर नोएडा के पीजी डिप्लोमा पुरातत्व के 15 छात्रों की टीम लगातार प्राचीन स्थल टीले पर खुदाई व शोध करने में लगे हुए है। पुरातत्व विभाग चंडीगढ़ सर्कल की निदेशक पुरातत्वविद कामेई अथेलियू काबोई, उप निदेशक बनानी भट्टाचार्य एवं डॉ. अर्कोत प्रधान के नेतृत्व में 25 मार्च से लगातार खोदाई कार्य चल रहा है।
इस दौरान शनिवार को वैश्य समाज के राष्ट्रीय कार्यकारिणी एवं अग्रोहा धाम के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने अग्रोहा प्राचीन टीले पर खोदाई के काम का निरीक्षण किया डा. बनानी भट्टाचार्य व डॉ. अंकित प्रधान से टीले की खोदाई की जानकारी ली। गर्ग ने कहा कि अग्रोहा प्राचीन टीला जो पहले 125 एकड़ में महाराजा अग्रसेन का महल होता था। अग्रोहा टीले में महाराजा अग्रसेन की यादें जुड़ी हैं। 23 दिन की खोदाई में अनेक सामान मिल चुका है। यहां तक की 28 ईंटों की दीवारें, पत्थर, मनके की माला, सीढियां, मिट्टी के खिलौने, बर्तन, कलाकृति पत्थर आदि समान मिलने से सिद्ध हो जाता है कि खुदाई में बेशुमार कीमती समान मिलेगा।
बजरंग गर्ग ने कहा कि अग्रोहा टीले की पहले 1937-38 व 1978 से 1981 तक दो बार सरकार ने खोदाई करवाई थी। उस समय भी भारी मात्रा में कीमती सामान मिला था, जिसमें सिक्के, पत्थर की मूर्तियां, मुहरें, बर्तन, लोहे, तांबे के उपकरण म दीवार आदि निकली थी।
इस अवसर पर पवन गर्ग, अनिल सिंगला, एनके गोयल, ईश्वर गोयल, ईश्वर असरावा, रवि सिंगला, प्रेम गोयल, महेश अग्रवाल मथुरा, अखिल गर्ग , संदीप सिंह, हरीश शर्मा, महेंद्र शर्मा, सुनील कुमार, विष्णु कुमार आदि प्रतिनिधि भारी संख्या में मौजूद थे।