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मीरपुर में सर्वसम्मति से बने सरपंच ने पदभार संभालने से पहले की सार्थक पहल

Thu, 21 Jan 2016 01:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला हिसार
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इनसान कुछ करने की ठान लेता है तो उसके करके की दिखाता है। मीरपुर गांव के सरपंच चंद्रभान को 36 बिरादरी के लोगों ने सर्वसहमति से सरपंच चुना था। सरपंच चुनते ही गांव में लावारिस पशुओं के लिए बाड़ा बनाने का उन्होंने आश्वासन दिया था, जिसे पदभार संभालने से पहले ही पूरा कर दिया है।
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सात दिन में लावारिस पशुओं के लिए गांव में अस्थायी बाड़ा ग्रामीणों के सहयोग से बना दिया है।

पवन मदान, ईश्वर वर्मा, गिरधारी लाल, किशन लाल सहित अनेक ग्रामीणों ने बताया कि गांव में सबसे ज्यादा समस्या पशुओं की थी। पशुओं की टक्कर से कई लोग घायल हो चुके हैं।

वहीं फसलों को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है। सरपंच ने इस समस्या से निजात दिलाई और लावारिस पशुओं के लिए सात दिन में ही अस्थायी बाड़ा बना दिया है।

बाड़े में हैं 200 पशु

ग्रामीणों ने बताया कि इस समय बाड़े में 200 पशु हैं, जिनकी सेवा के लिए आठ ग्रामीणों की ड्यूटी लगाई गई है। बाड़े में चारा डालने व पीने के पानी के प्रबंध किए गए हैं, लेकिन अभी तक शेड नहीं लगाए गए है।
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ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने भी उनका सहयोग करना चाहिए। प्रशासन की तरफ से कोई मदद नहीं मिल रही है। शेड के अभाव में लावारिस सर्दी में ठिठुर रहे हैं। ग्रामीण अपने स्तर पर लगे हुए हैं।

इसमें मीरपुर के अलावा अग्रोहा के लोग भी सहयोग कर रहे हैं।  

जिम्मेदारी पर उतरेंगे खरा

मीरपुर के नवनिर्वाचित सरपंच चंद्रभान ने बताया कि गांव उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी है, वे उस पर खरा उतरेंगे। ग्रामीणों ने लावारिस पशुओं से निजात दिलाने की मांग थी, वह पदभार संभाले से पहले पूरी कर दी है।

इसमें 36 बिरादरियों के लोग उसका सहयोग कर रहे हैं। अस्थायी बाड़े का इंतजाम कर दिया है। रही स्थायी बाड़े की बात, प्रशासन से पहली मांग गांव में बाड़ा बनाने की ही की जाएगी।
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जब तक स्थायी बाड़ा नहीं बनता है, तब तक गांव में अस्थायी बाड़ा ही रहेगा। गांव के लोग चारा, तूड़ी व अन्य राशन दे रहे हैं।
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