सर्दी के मौसम में सबसे ज्यादा प्रयोग होने वाली खांसी की दवाई भी नहीं मिल रही है। दूर-दूर से मरीज इलाज कराने व दवाइयां लेने के लिए आते लेकिन उन्हें मायूस लौटना पड़ता है। भेरी अकबरपुर से पिता की दवा दिलाने आए रामप्रताप ने बताया कि वह सुबह अस्पताल पहुंच गया था। कुछ दिन पहले उनके पिता का पैर कट गया था। शुक्रवार को मरहम पट्टी केे लिए आए। चिकित्सक द्वारा पर्ची में लिखी एक भी दवा काउंटर पर नहीं मिली।
जमना देवी ने बताया कि वह सुबह ही नागरिक अस्पताल पहुंची थी। उसे जोड़ाें के दर्द की परेशानी है। दो-तीन घटें इंतजार करने पर भी दवाखाने से पूरी दवा नहीं मिली। काउंटर पर मौजूद कर्मचारी ने कहा कि माताजी बाकी की दवा बाहर से लेनी पड़ेगी।
गांव दाहिमा से पृथ्वी सिंह ने बताया कि डॉक्टर दवाइयां लिखकर दे देते हैं, लेकिन अस्पताल में दवा नहीं मिल रही। ऐसे में उन्हें परेशानी झेलनी पड़ती है। 7-8 साल से सास की बीमारी से परेशान हूं। सभी दवाइयां न मिलने के कारण 76 वर्षीय बुजुर्ग को भटना पड़ रहा है।
शाहपुर निवासी अशोक ने बताया कि मैं पिछले कई दिनों से दांत के दर्द से परेशान हूं। दो दिन पहले दांत का एक्सरे करवाया था। चिकित्सक ने जो दवाइयां लिखी थी, अस्पताल में एक भी नहीं मिली।