हिसार। दस साल बाद देश के 28 राज्यों व 8 केंद्र शासित प्रदेशों में चल रही चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा की तैयारी शुरू हो चुकी है। इस दौरान अस्पतालों, चिकित्सा उपकरणों, मरीजों को दी जा रही सुविधाओं, प्रयोगशालाओं, विभिन्न बीमारियों पर उठाए गए कदम पर संबंधित राज्यों के आला अधिकारी स्वास्थ्य मंत्रालय को जवाब देंगे, ताकि भारत सरकार को पता चले कि किस राज्य व केंद्र शासित प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं की स्थिति क्या है, कहां कमी है, कौन सा राज्य व जिला बेहतर है।
इससे पहले 23 अप्रैल को नेशनल हेल्थ मिशन के प्रबंध निदेशक डॉ. मनीष और मत्स्य विभाग की आयुक्त, सचिव एवं हिसार जिले की नोडल अधिकारी अमनीत पी कौर बैठक लेंगी। अधिकारी की मानें तो उपरोक्त दोनों अधिकारी वर्चुअल मीटिंग कर चिकित्सा सुविधाओं की रणनीतियों-सुविधाओं पर चर्चा करेंगे। उम्मीद है कि मई के पहले सप्ताह में समीक्षा होगी।
यह है कारण : स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से हर 10 साल बाद चिकित्सा सुविधाओं पर मंथन कर समीक्षा की जाती है, जिसमें हर राज्य के चिकित्सा से जुड़े मंत्री व आला अधिकारी भाग लेते हैं। इसका उद्देश्य है कि चिकित्सा सुविधाओं में कौन सा राज्य किससे से आगे है और कौन पीछे। मीटिंग के बाद निष्कर्ष में चिकित्सा सुविधा की हर कैटेगरी के अनुसार प्रति राज्य को अंक दिए जाते हैं। इससे पूर्व हर राज्य की चिकित्सा सुविधाओं पर उपरोक्त मंत्रालय के मंत्री जेपी नड्डा सहित आला कमान की टेबल पर फाइल भेजी जाएगी।
23 अप्रैल को एनएचएम प्रबंध निदेशक एवं हिसार जिले की नोडल अधिकारी वर्चुअल मीटिंग कर जिले की चिकित्सा सुविधाओं पर चर्चा करेंगे। साथ ही बेहतर सुविधाओं के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। स्वास्थ्य मंत्रालय हर 10 साल बाद हर राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों में दी जा रही चिकित्सा सुविधाओं पर मंथन कर रिपोर्ट कार्ड देता है। - डॉ. तरुण, डिप्टी सीएमओ, हिसार।