टूथपेस्ट के डिब्बे, खांसी के लिए बनी गोली के डिब्बों और बेड बॉक्स में नशा छुपाकर रखने वाले दो भाई वीरवार को शहर थाना पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
प्रशासन को कालोनी रोड पर पंजाब नेशनल बैंक के पास स्थित गोयल मेडिकल हॉल पर नशा बिकने की शिकायत मिली थी। प्रशासन ने तहसीलदार परमजीत सिंह चहल को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करते हुए शहर थाना प्रभारी भरतेंद्र ढिल्लों, सिविल अस्पताल के डॉ. भारत भूषण और मनोज मंगला की एक टीम का गठन किया।
टीम ने सुबह करीब नौ बजे मेडिकल हॉल पर दस्तक दी। दुकान के भीतर से नशीले पाउडर सहित मेडिकल दवाइयां और कैप्सूल बरामद हुए। डिब्बा किसी और खांसी की दवाई का था पर उसमें से रैक्सकफ की शीशियां बरामद हुईं। टीम ने मेडिकल हॉल को सील कर दिया। मेडिकल हॉल संचालक राकेश और उसके भाई पवन को काबू करके गुरु जंभेश्वर नगर स्थित उनके घर पर छापामारी की गई। घर के अलग-अलग बेडरूम में रखे बेडों में से पुलिस को नशीली दवाइयां मिली।
सूचना पाकर उपमंडलाधीश सतीश कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने बरामद हुई दवाइयों का निरीक्षण किया। टूथपेस्ट के डिब्बे में से नशीली दवाइयां भरी देख वे भी हैरान रह गए। मेडिकल नशे की बरामदगी के बाद पुलिस ने कार्यकारी जिला औषधि नियंत्रक राकेश छोक्कर को मौके पर बुलाया।
उनकी उपस्थिति में मेडिकल हॉल पर लगाई सील खोली गई। उन्होंने दवाइयों के नमूने लिए। दुकान मालिक जसपाल सिंह ने बताया कि राकेश कुमार ने करीब साढ़े चार साल पहले दुकान किराए पर ली थी और तीन दिसंबर को उसने दुकान खाली करनी थी।