हिसार। तलवंडी राणा के ग्रामीणों की बाकी बची रोड निर्माण की मांग पूरी होने की आस फिर से जग गई है। बीएंडआर के अधिकारी बुधवार को इस हिस्से के निर्माण को लेकर पैमाइश करने पहुंचे और रिपोर्ट तैयार की। ग्रामीणों की मानें तो यह हिस्सा करीब 2.3 किलोमीटर लंबा होगा, जो धांसू गैस प्लांट से लेकर राणा माइनर तक बनाया जाएगा। वहीं इस मांग को लेकर 14 माह से भी ज्यादा समय से ग्रामीणों का धरना चल रहा है। उधर, स्वास्थ्य एवं नागरिक उड्डयन मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने इस मामले में कहा कि भविष्य में एयरपोर्ट के अंदर कोई सड़क नहीं आएगी। कुछ लोग भ्रामक प्रचार कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार तलवंडी राणा के ग्रामीण स्थायी रोड के निर्माण की मांग को लेकर मंगलवार को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिले थे। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया था कि सरकार की तरफ से बनाई गई 2.2 किलोमीटर की रोड को पुराने रोड से ही जोड़ दिया गया है। पुरानी रोड हवाई अड्डे की एक्वायर की हुई जमीन में आ चुकी है। हवाई अड्डे की तीसरी पट्टी का विस्तार होते ही इस रोड को भी उखाड़ दिया जाएगा। ग्रामीणों की मांग है कि धांसू गैस प्लांट से राणा माइनर तक लगभग 2.3 किलोमीटर की रोड और बनाकर दी जाए, जिससे ग्रामीणों को स्थायी सड़क मार्ग मिल जाएगा और समस्या का पूरी तरह से समाधान हो जाएगा। इस पर मुख्यमंत्री ने तुरंत मुख्य सचिव को इस मामले से अवगत करवाया और इस रोड को लेकर बीएंडआर के चीफ इंजीनियर को निर्देश दिए।
60 कनाल जमीन का करना पड़ेगा अधिग्रहण
तलवंडी राणा रोड बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष एडवोकेट ओपी कोहली ने बताया कि पैमाइश के दौरान इस रोड की लंबाई 2.3 किलोमीटर की निकली। यह रोड 34 एकड़ में होकर गुजरेगी। इसमें एविएशन व वन विभाग की जमीन आ रही है। इसके अलावा करीब 60 कनाल निजी जमीन भी आ रही है, जिसका अधिग्रहण सरकार को करना पड़ेगा।
एयरपोर्ट की चहारदीवारी के साथ बनी सड़क स्थायी
डॉ. गुप्ता ने एयरपोर्ट के पास तलवंडी रोड निर्माण को लेकर चल रहे विवाद पर कहा कि महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट के लिए बाउंड्री फाइनल हो चुकी है। अब उसमें कोई विस्तार नहीं किया जाएगा। तलवंडी जाने के लिए एयरपोर्ट की बाउंड्री के साथ जो सड़क का निर्माण किया गया है, वह स्थायी है। इसमें कोई बदलाव की संभावना नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एयरपोर्ट के अंदर कोई सड़क नहीं आएगी, कुछ लोग भ्रामक प्रचार कर रहे हैं। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट के आसपास जमीन की खरीद फरोख्त की कोई शिकायत आई तो उसकी जांच करवाई जाएगी, जो दोषी होगा, बख्शा नहीं जाएगा।
कोर्ट ने डीसीएम मिल की याचिका खारिज की
उधर, हाईकोर्ट ने डीसीएम मिल की याचिका को खारिज कर दिया है। बीएंडआर के अधिकारियों की मानें तो अब ई भूमि पोर्टल के माध्यम से डीसीएम मिल की जमीन को खरीदा जाएगा। बता दें कि तलवंडी राणा के लिए दिल्ली नेशनल हाईवे से लेकर धांसू गैस प्लांट तक एयरपोर्ट की दीवार के साथ-साथ बनाई गई रोड में डीसीएम मिल की करीब 16 मरले जमीन आ रही है। इस जमीन के भुगतान को लेकर दोनो पक्षों में कुछ विवाद चल रहा था और भुगतान अभी अटका पड़ा था। इसी बीच रोड के ठेकेदार ने डीसीएम मिल की जमीन पर भी रोड बनानी शुरू कर दी। इस पर मिल प्रशासन ने आपत्ति जताई और काम रुकवा दिया। इसके साथ ही बीएंडआर को नोटिस भी भिजवा दिया। काम रुकने से 60-70 फुट लंबी रोड का निर्माण कार्य लटक गया है। यह हिस्सा पूरे रोड को नेशनल हाईवे से जोड़ता है।