हिसार। गांव मय्यड़ में पत्नी की हत्या के बाद पति द्वारा आत्महत्या करने के मामले में आरोपी हांसी निवासी पूजा उर्फ लक्ष्मी सामने आई है। उसने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि उसे मामले में बेवजह फंसाया जा रहा है।
पूजा ने दावा किया कि उसने बलजीत को काम शुरू करने के लिए ऋण दिलवाया था और किस्तें नहीं भरने पर वह बलजीत के बजाय सरपंच से बातचीत कर रही थी। बलजीत ने उससे काम शुरू करने के लिए ऋण दिलाने की बात कही थी। इसके बाद उसने 50-50 हजार रुपये के दो ऋण दिलवाए थे।
शुरुआत में तीन-चार किस्तें जमा की गईं लेकिन बाद में बलजीत से संपर्क टूट गया। उसका फोन बंद आने लगा जिसके बाद ऋण की किस्तों को लेकर उसके पास फोन आने लगे। इस पर उसने बलजीत के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी थी। इसके बाद गांव के सरपंच ने पुलिस के सामने ऋण चुकाने की जिम्मेदारी लेने की बात कही थी और बातचीत के लिए अपना मोबाइल नंबर दिया था।
पूजा ने बताया कि 20 जुलाई दोपहर करीब 12 बजे उसने सरपंच से संपर्क किया तो उसे जवाब मिला कि अब तो तू भीतर जाएगी। इसके बाद फोन काट दिया गया। गांव मय्यड़ निवासी बलजीत ने रविवार रात पत्नी दर्शना की रस्सी से गला घोंटकर हत्या के बाद फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
बलजीत के परिजनों ने पूजा पर रुपये देने का दबाव बनाने का आरोप लगाया था। सदर थाना प्रभारी वीरेंद्र गिल ने बताया कि मामले में महिला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। अभी उसे जांच में शामिल नहीं किया है।