सिवानी मंडी की वकील कॉलोनी के रामेश्वर जांगड़ा ब्लाइंड मर्डर केस में पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट शहर के विभिन्न संगठनों के लोग जन जागृति संस्था के बैनर तले हाथ में काले झंडे लेकर सोमवार को सड़कों पर उतर आए। इस दौरान मुख्य बाजार के दुकानदारों की सभी यूनियनों ने भी बाजार बंद रखकर अपने रोष का इजहार किया।
तोशाम मोड़ से विरोध स्वरूप एक जुलूस भी निकाला गया और हत्यारोपियों को पकड़ने के अलावा सरकार से मृतक को शहीद का दर्जा देने और आश्रितों को आर्थिक सहायता देने तथा एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग जोर-शोर से उठाई। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारी तहसील परिसर पहुंचे और डीएसपी को ज्ञापन सौंपकर 10 फरवरी तक का अल्टीमेटम दिया।
चेतावनी दी गई कि मांगे पूरी नहीं हुई तो 11 फरवरी को हलके में होने वाली सीएम मनोहर लाल खट्टर की रैली का बहिष्कार कर अपने आंदोलन को तेज कर देंगे। गौरतलब है कि गत 19 जनवरी को कारोबारी रामेश्वर जांगड़ा के घर घूसे चोरों ने साथी चोर को छुड़वाने के लिए उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद पुलिस की तरफ इस मामले में हत्यारोपियों के बारे में कोई सुराग हाथ नहीं लगा है।
इसके अलावा लोगों में इस बात को लेकर ज्यादा रोष था कि सरकार की तरफ से मृतक को शहीद का दर्जा देने, आश्रितों को आर्थिक सहायता देने व एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग पर कोई भी आश्वासन नहीं दिया है। आरोप है कि सरकार इस मामले को लेकर चुप्पी साधे बैठी हुई है।
इसके विरोध में मुख्य बाजार की लोहा यूनियन, किरयाना, कपड़ा, सब्जी, मोबाइल, अनाज, खल विक्रेता सहित सभी यूनियनों के पदाधिकारी, किसान सभा, बार एसोसिएशन के सदस्य पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत तोशाम मोड़ पर जमा हुए और हाथ में काले झंडे लेकर सड़कों पर उतर आए। शहर में पहली बार बाजार के दुकानदारों ने न केवल दुकानें बंद कर बाजार बंद को सफल बनाया बल्कि प्रदर्शन में भी शरीक हुए।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए सुरेंद्र बेडवाल ने कहा कि ब्लाइंड मर्डर सुलझाने में पुलिस नाकाम हुई है तो सरकार का भी यह नैतिक दायित्व बनता है कि वह बदमाशों से लोहा लेकर जान गंवाने वाले रामेश्वर को शहीद का दर्जा देकर उसके परिवार के एक सदस्य को नौकरी के अलावा आर्थिक सहायता तो तुरंत प्रभाव से प्रदान कर ही सकती है।
प्रदर्शनकारियों के तहसील में पहुंचने के बाद डीएसपी रविंद्र बलहारा लोगों के बीच पहुंचे और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि शहीद का दर्जा देने, परिवार को नौकरी और आर्थिक सहायता की मांग को वे सरकार तक पहुंचा देंगे।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार को 10 फरवरी तक अल्टीमेटम देते हुए कहा कि उनकी ये मांगे पूरी नहीं हुई 11 फरवरी को सीएम की हलका में प्रस्तावित रैली का बहिष्कार कर कोई बड़ा आंदोलन करेंगे। इस मौके पर एडवोकट मनोज बेडवाल, राजेश फोगाट, बलवान बागड़ी, राजबीर सिंधू, राजेंद्र फोगला सहित कई लोग मौजूद थे।