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कोरोना काल में स्वास्थ्य विभाग का साथ देने की बजाय पढ़े-लिखे लोग भी टीमों से उलझ रहे

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डॉ. संध्या सचदेवा। - फोटो : Hisar
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कुलदीप जांगड़ा
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हिसार। कोरोना को हराने में जुटे स्वास्थ्य विभाग का साथ निभाने के बजाय कुछ पढ़े-लिखे लोग भी विभाग की टीमों के साथ उलझ रहे हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग को काफी परेशानी भी उठानी पड़ती है। कई बार विवाद के चलते ऐसी परिस्थितियां आ जाती हैं कि पुलिस प्रशासन का सहयोग भी लेना पड़ता है।
विरोध करने वालों में ग्रामीण तो शामिल हैं ही, लेकिन हैरानी वाली बात तब है जब इनमें डॉक्टर, पुलिस अधिकारी, नेता तक शामिल हो रहे हैं। शुरुआत में ये लोग अपने पद और ओहदे का खूब रौब झाड़ते हैं। बाद में पुलिस की मदद लेनी पड़ती है। ये सभी मामले स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी से लेकर जिला प्रशासन के अधिकारी एवं उपायुक्त तक पहुंचे थे। इसके बावजूद अभी तक इनमें से किसी भी मामले में प्रशासन द्वारा किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। आखिरकार हर मामले में स्वास्थ्य विभाग की टीम को ही पीछे हटाने की कोशिश की गई।
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प्रमुख मामले जिनमें शिक्षित और ऊंचे ओहदों वाले स्वास्थ्य विभाग की टीम से उलझे
नेता की नजदीकियों के चलते धमकाया
कोविड-19 पोस्टर लगाने गई विभाग के टीम के साथ पहले अर्बन एस्टेट निवासी सजल जैन ने दुर्व्यवहार किया। जजपा के बड़े नेता से नजदीकियों के चलते उन्होंने टीम को रौब दिखाया। अपनी रिपोर्ट निगेटिव बता अस्पताल जाने से मना कर दिया। मामला जब काफी बढ़ गया तो बाद में युवक को टीम से माफी मांगनी पड़ी थी।
डीएसपी के रौब में गालियां तक दे डालीं
रेलवे में डीएसपी प्रदीप यादव ने स्वास्थ्य विभाग कही से गालीगलौज करने और पोस्टर चिपकाने पर जान से मारने तक की धमकी दे डाली थी। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। उनकी पत्नी द्वारा भी दुर्व्यवहार किया गया था। इस मामले में डीएसपी ने कोई माफी नहीं मांगी, लेकिन उनके परिवार के सदस्यों ने माफी मांगकर मामले को निपटाया था।
डॉक्टर ने अपने पेशे का नहीं रखी लिहाज
परिवर्तन अस्पताल संचालक डॉ. करणजीत सिंह द्वारा कोरोना पॉजिटिव होने के बावजूद खुद को बिलकुल ठीक बताकर टीम को अधिक वजन उठाने तक की चेतावनी दे दी थी। इसका भी वीडियो वायरल हुआ था। इस मामले में जब पुलिस बुलाने की बात कही गई तब जाकर डॉक्टर ने माफी मांगी थी।
बधावड़ गांव और हांसी की कॉलोनी के लोग हुए थे विरोधी
बधावड़ गांव में ग्रामीणों ने टीम को लगभग खदेड़ ही दिया था और हांसी की मुलतान कॉलोनी वासियों ने सैंपल लेने गई टीम का विरोध जताते हुए अभद्र व्यवहार किया था। बधावड़ गांव में सीएमओ डॉ. रत्ना भारती स्वयं गईं और पुलिस भी तैनात की गई थी, उसके बाद ही ग्रामीणों ने सैंपल दिए थे। हांसी में इसी प्रकार कॉलोनी में पुलिस भेजी गई थी, तभी कॉलोनीवासियों ने सैंपल दिए।
पार्षद के घर से खाली हाथ लौटी टीम
हांसी के रामायण मोहल्ले का ताजा उदाहरण है। यहां के पार्षद के घर जब टीम गई तो परिजनों ने सैंपल देने से स्पष्ट मना कर दिया। काफी देर तक टीम सदस्यों के साथ बहस भी की। इसके बाद टीम सदस्यों ने अपने उच्चाधिकारियों से बात की। फिर भी टीम को वहां से खाली हाथ ही लौटना पड़ा।
अपमान सहने के बाद भी बोले कोरोना योद्धा - हमें अपना कर्र्तव्य निभाना है
बुरा लगा था, लेकिन अपनी ड्यूटी करना है
उस समय काफी बुरा लगा था, लेकिन अपनी ड्यूटी निभाना हमारा कर्तव्य है, जब डीएसपी की तरफ से 69 वर्षीय रिटायर्ड अध्यापक हमारे घर आए तो उन्होंने भी डीएसपी की हरकत पर काफी आपत्ति जताई थी। केवल सजा देना ही उद्देश्य नहीं होता, लेकिन किसी को पश्चाताप का एक मौका देना बड़ी बात है।
- राजकुमार, बहुउद्देशीय कर्मचारी।
अपना कर्तव्य निभाने के लिए गए थे
उसने जो किया वह गलत था, लेकिन हम अपनी ड्यूटी को निभाना पहला कर्तव्य मानते हैं। जब डीएसपी की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी तो हम अपने कर्तव्य को निभाने के लिए ही वहां पर गए थे। कई बार ऐसे वाक्य होते हैं, जिनसे गुजरना पड़ता है।
- रमेश कुंडू, हेल्थ इंस्पेक्टर।
विरोध का लगा था बुरा, लेकिन ड्यूटी निभाना जरूरी था
जब बधावड़ के ग्रामीणों द्वारा विरोध किया गया तो एक बार काफी बुरा लगा था, लेकिन उस समय ड्यूटी निभाना बहुत जरूरी था। इसके बावजूद भी हमने करीब 3 घंटे तक सभी को जागरूक करने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने एक नहीं मानी। इसके बाद पुलिस का सहयोग लेना पड़ा था। हम भी देश सेवा में अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं तो इस दौर में सभी लोगों को साथ देना चाहिए।
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- डॉ. संध्या सचदेवा, दंत चिकित्सक, हिसार।
काम करने में मुश्किलें आती हैं
जो काम करेगा, उसे मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। समाज में काम करने वालों को हर तरह का उतार-चढ़ाव देखना पड़ता है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम आमजन को कोरोना से बचाने के लिए हर परिस्थिति का डटकर मुकाबला कर रही है।
डॉ. जया गोयल, डिप्टी सीएमओ, नागरिक अस्पताल, हिसार।

राजकुमार।- फोटो : Hisar

रमेश कुंडू।- फोटो : Hisar

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