हिसार। निगरानी गृह से चाबियों का गुच्छा छीनकर साथियों के साथ फरार होने के दोषी को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जैस्मिन शर्मा की अदालत ने 10 साल की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 33,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार 11 जून 2017 को दोषी ने साथियों के साथ मिलकर समूह बनाया। इसके बाद निगरानी गृह की चाबियों का गुच्छा छीनकर वहां से भाग गया था। मामले में सदर थाना पुलिस ने जून 2017 में प्राथमिकी दर्ज की थी।
नरमी की मांग नहीं आई काम
सजा पर बहस के दौरान दोषी ने अदालत से नरमी बरतने की मांग की। उसने बताया कि वह अविवाहित है और उसके बुजुर्ग व बीमार माता-पिता हैं। परिवार में वही अकेला कमाने वाला है। उसने यह भी कहा कि वह पहले किसी मामले में दोषी नहीं रहा है।
अदालत ने इन परिस्थितियों पर विचार किया, लेकिन सजा में रियायत देने से इन्कार कर दिया। अदालत ने कहा कि यह साबित है कि दोषी ने साथियों के साथ मिलकर निगरानी गृह की चाबियां छीनीं और वहां से भाग गया। अदालत ने धारा 379-बी सहित अन्य धाराओं के तहत दोषी को 10 वर्ष की सजा सुनाई।