खराब हुई फसलों के मुआवजे, लावारिस पशुओं पर रोक लगवाने, किसानों-मजदूरों की अन्य मांगों को लेकर लघु सचिवालय पर मंगलवार को छठे दिन भी पांच जिलों के किसानों का महापड़ाव जारी रहा।
मंगलवार को एसडीएम ने किसानों को बातचीत के लिए बुलाया। किसानों ने साफ कहा कि जब तक मांगें नहीं मानी जाएंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
किसानों की सर्वसम्मति से किसान सभा के राज्य महासचिव हरपाल सिंह पूर्व विधायक के नेतृत्व में राज्य सह सचिव दयानंद पूनिया, राज्य कोषाध्यक्ष प्रदीप सिंह, खेत मजदूर यूनियन के राज्य नेता विनोद सुलचानी एसडीएम अशोक बंसल से मिले।
एसडीएम ने कहा कि आप की मांग सरकार को भेज देंगे। आप धरना समाप्त कर दें। किसान नेताओं ने दो टूक जवाब दिया कि तब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक धरना जारी रहेगा।
23 फरवरी को घेरा डालों के कार्यक्रम की तैयारी मंगलवार से शुरू कर दी। किसानों की टीमें राजकुमार शेखपुरिया, मनफूल ढाका, फूलसिंह श्योकंद, बलवान बागड़ी जिला पार्षद व कै. प्रेम प्रकाश के नेतृत्व में क्रमश: सिरसा, फतेहाबाद, जींद, भिवानी व हिसार में गांव-गांव जाकर प्रचार कर रही है। पड़ाव पर किसान सभा राज्यध्यक्ष मा. शेरसिंह, सुरेश कुमार पूर्व सरपंच, रतन फरीदपुर ब्लॉक समिति सदस्य, रणधीर बामल, मा. मोलड़ सिंह जिला उपप्रधान, सालीगराम, जंगबीर ढांडा, आदि उपस्थित थे।
तंवर नहीं आ सके, कांग्रेस की लोकल टीम पहुंची
किसान महापड़ाव पर कांग्रेस पार्टी की ओर से सतेंद्र सिंह, भूपेंद्र गंगवा कुड़ाराम नंबरदार के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की टीम धरने पहुंची। किसानों की मांग जानने के बाद धरने व पड़ाव को समर्थन दिया। कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर को मंगलवार को आना था, लेकिन रास्ते बंद होने के चलते अशोक तंवर नहीं पहुंच सके।