यहां हिसार कमिश्नर कार्यालय पर चल रहे पांच जिलों (हिसार, भिवानी, फतेहाबाद, सिरसा, जींद) के किसानों और मजदूरों का पड़ाव तीसरे दिन भी जारी रहा।
किसान सभा के राज्य कोषाध्यक्ष प्रदीप सिंह ने कहा कि कल करनाल में कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने पत्रकारों से कहा कि सफेद मक्खी से खराब फसलों का मुआवजा शीघ्र जारी करेगी। किसान सभा नेता ने कहा कि ऐसे बयान कृषि मंत्री पहले भी दे चुके हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि सरकार ने अभी तक जिलों से फसलों के नुकसान की फाइनल गिरदावरी रिपोर्ट भी नहीं मंगवाई है।
हिसार कमिश्नरी के पांचों जिलों की 30 लाख से भी ज्यादा एकड़ कपास, ग्वार व बाजरा आदि की फसलें सफेद मक्खी, सूखे और सेम के इलाकों में जलभराव से खराब हो गई थी। राज्य सरकार की तरफ से करवाई गई विशेष गिरदावरी रिपोर्ट के बारे में अब तक स्पष्ट रूप से कुछ भी नहीं बताया जा रहा है, जबकि कृषि मंत्री ने अपने ब्यान में कहा कि गिरदावरी रिपोर्ट सरकार के पास पहुंच गई है।
किसान सभा के राज्य महासचिव व पूर्व विधायक का. हरपाल सिंह ने कहा कि जब तक बर्बाद फसलों का मुआवजा, लावारिस पशुओं की रोकथाम, नहरों में पूरा पानी, नियमित तौर पर मनरेगा का काम, कर्जा बोर्डों का गठन और कर्जा माफी आदि मांगें पूरी नहीं की जाती, तब तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने बताया कि 15 फरवरी को आंदोलन कर रहे किसानों के बीच में किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व विधायक का. अमरा राम पहुंच रहे हैं। आज पड़ाव का छात्र नेता सुमित दलाल, सीटू नेता सुखबीर सिंह, एडवोकेट विक्रम मित्तल, डॉ. महाबीर शर्मा, महिला नेत्री निर्मला देवी ने समर्थन किया।
किसान सभा में महापड़ाव पर जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की और इसकी तुलना आपातकाल से की।
पड़ाव में ब्लॉक समिति सदस्य रत्नसिंह, महाशय फूलसिंह, सालीगराम उकलाना, दलीप सिंह मुंढाल, मोहनलाल राजली, कृष्ण गावड़, धर्मपाल सिंघवा, सतबीर सिंह दौलतपुर, भरतसिंह नहला, प्यारेलाल सुलचानी, जयसिंह पूनिया, सुरेंद्र गोरखपूर, रत्नसिंह मात्रश्याम, राजबीर न्योली, सत्यवान, जंगबीर ढांडा, रामकुमार सरसाना, सुशील आनंद, धर्मबीर बजाज, पुष्पेंद्र रहेजा, महिपाल देवसर, जगदीश अग्रोहा, मा. मोलड़ सिंह, सुरजीत सिंह एलनाबाद आदि किसान शामिल थे।