रदेश सरकार और आंदोलनकारियों के बीच शनिवार देर रात तीसरे दौर की वार्ता के बाद जाटों ने आंदोलन खत्म करने का एलान कर दिया।
दोपहर
में डीसी के साथ बातचीत बेनतीजा रहने पर रात 7.20 बजे हांसी के लोकनिर्माण
विश्रामगृह में कृषि मंत्री ओपी धनखड़ और आरक्षण संघर्ष समिति के
प्रदेशाध्यक्ष कमांडेंट हवासिंह सांगवान के बीच वार्ता शुरू हुई, लेकिन
धनखड़ के धरनास्थल पर जाकर आश्वासन नहीं देने पर विफल हो गई।
इसके
बाद वार्ता के दो और दौर चले। आखिर करीब पौने 11 बजे तीसरे दौर में सहमति
बन गई और धनखड़ के आश्वासन पर जाटों ने ट्रैक खाली करने की घोषणा कर दी। इस
फैसले की जानकारी जैसे ही मय्यड़ में ट्रैक पर जमे लोगों को मिली,
उन्होंने एक-दूसरे को गुड़ खिलाकर खुशी का इजहार किया।
वार्ता सफल
होने के बाद ओपी धनखड ने मीडिया के सामने बयान दिया कि हम केंद्र में दूसरे
राज्यों की तरह से हरियाणा के जाटों को भी आरक्षण दिलाने के लिए पैरवी
करेंगे।
वार्ता के बाद आंदोलन के अगुवा कमांडेंट सांगवान ने कहा कि
हम कृषि मंत्री धनखड़ के बयान पर अपना आंदोलन वापस ले रहे हैं। उनको
धरनास्थल पर जाने की जरूरत नहीं है। हम रविवार सुबह ट्रैक खाली कर देंगे।
इससे पहले पौने दो घंटे चली जाट नेताओं व कृषि मंत्री के बीच बाचचीत विफल
हो गई थी। इसके बाद जाट नेता धरनास्थल की ओर रवाना हो गए।
लेकिन मलिक गुट 21 से रेल रोको आंदोलन पर अडिग
भिवानी।
जाट आरक्षण की मांग को लेकर दो दिन पहले आंदोलन शुरू करने वाले कमांडेंट
हवासिंह सांगवान गुट ने भले ही शनिवार रात आंदोलन खत्म करने की घोषणा कर दी
हो, लेकिन इससे सरकार की मुश्किलें कम होती नहीं दिखाई दे रही हैं।
अखिल
भारतीय जाट संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक 21 फरवरी से
हरियाणा में रेल रोको आंदोलन पर अडिग हैं। उन्होंने कहा कि हम आंदोलन जरूर
करेंगे और तभी खत्म करेंगे जब मांगें पूरी हो जाएंगी।
जाट नेताओं से उम्मीद के मुताबिक सकारात्मक बातचीत हुई है। आगे भी बातचीत जारी रखने का भरोसा दिलाया है। -ओपी धनखड़,कृषि मंत्री
हम
कृषि मंत्री के आश्वासन पर आंदोलन वापस ले रहे हैं और रविवार सुबह ट्रैक
खाली कर देंगे। उम्मीद है सरकार अपने वादे पर खरी उतरेेगी। -कमांडेंट हवा सिंह सांगवान