शहर के दो साहित्यकारों को हरियाणा साहित्य अकादमी ने पुरस्कार दिए हैं। साहित्यकार डॉ. ओमप्रकाश कादयान को लख्मीचंद सम्मान दिया गया है। डॉ. एमएम जुनेजा को शहीद मदनलाल धींगड़ा की जीवनी पुस्तक के लिए सम्मान दिया जाएगा।
मूल रूप से झज्जर जिले के गांव बेरी निवासी डॉ. ओमप्रकाश कादयान को अब तक करीब 40 से अधिक सम्मान मिल चुके हैं। हरियाणा साहित्य अकादमी, पंजाब साहित्य अकादमी, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश सहित कई प्रदेशों में साहित्यिक सम्मान से नवाजा जा चुका है। उनके करीब 20 हजार से अधिक लेख छप चुके हैं। छह पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। दो पुस्तक जल्द ही आने वाली हैं। अमर उजाला से बातचीत में डॉ. ओपी कादयान ने कहा कि हर किसी को साहित्य से जुड़ना चाहिए। साहित्य से जीवन को निखार मिलता है। खासतौर पर विद्यार्थियों युवाओं को इसे जानना चाहिए। हरियाणा साहित्य अकादमी की ओर से उन्हें एक लाख रुपये नकद, शॉल, प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।
हिसार निवासी डॉ. एमएम जुनेजा को उनकी पुस्तक के लिए सम्मानित किया गया है। कुछ समय पहले उन्होंने मदनलाल धींगड़ा की जीवनी की पुस्तक लिखी थी। जिसमें कई अनछुए पहलुओं को उजागर किया। फिलहाल डॉ. एमएम जुनेजा चंडीगढ़ में रहते हैं। हरियाणा साहित्य अकादमी की ओर से उन्हें 21 हजार रुपये नकद, शॉल, प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।