हांसी। जिम संचालक कपिल हत्याकांड के तार वर्ष 2024-2025 में शराब ठेकों के लेनदेन संबंधी विवाद से जुड़ रहे हैं। सिकंदर फौजी गैंग का नाम भी सामने आया है। कपिल सिकंदर का काफी करीबी था। कपिल पर भी पांच आपराधिक केस दर्ज हैं। इस वारदात के बाद पुलिस क्षेत्र में सक्रिय गैंगस्टरों का नेटवर्क खंगालने में जुटी है।
पुलिस जांच पता चला है कि सिकंदर ने 17 जनवरी 2023 को अपने साथियों के साथ मिलकर प्रदीप उर्फ काला बड़ाला की हत्या की थी। इसके बाद वह करीब आठ महीने तक फरार रहा। इस दौरान कपिल ने उसकी छिपने में मदद की थी। सिकंदर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कपिल को भी गिरफ्तार किया था और वह करीब एक माह तक जेल में रहा। कपिल के पिता राजेंद्र ने भी इस तथ्य की पुष्टि की है।
चार गांवों में लिए थे शराब ठेके
कपिल ने सिकंदर फौजी के मामा और ढाणी पुरिया निवासी सुंदर के साथ मिलकर वर्ष 2024-25 में चार गांवों में शराब के ठेके लिए थे। बाद में इनमें लेन-देन को लेकर विवाद हो गया। इसी विवाद में ढाणी पीरांवाली स्थित ठेके पर तोड़फोड़ हुई थी। इससे सुंदर और सिकंदर के बीच रंजिश बढ़ गई। इसके बाद फरवरी 2025 में सिकंदर फौजी द्वारा सुंदर के भाई और शेखपुरा के सरपंच प्रदीप लाड़ी के घर के बाहर फायरिंग करवाने का मामला सामने आया। सुंदर को शक था कि इस मामले में कपिल की भूमिका थी। उसने कपिल से दो बार बातचीत भी की थी। सुंदर का संबंध गैंगस्टर हैरी बॉक्सर से बताया जाता है जिसने कपिल की हत्या की जिम्मेदारी ली है। फिलहाल सुंदर विदेश में है।
क्या था मामला जिसका हैरी ने पोस्ट में किया जिक्र
फरवरी 2025 में ढाणी पुरिया में सुरेश कुमार के घर के बाहर हवाई फायरिंग हुई थी। इस मामले में शहर थाना पुलिस ने दो अज्ञात बदमाशों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। इससे एक दिन पहले शेखपुरा गांव में सरपंच प्रदीप लाड़ी के घर के बाहर भी बाइक सवार बदमाशों ने फायरिंग की थी। दोनों घटनास्थलों पर एक पर्ची फेंकी गई थी जिस पर सिकंदर फौजी का नाम लिखा था। पुलिस जांच में सामने आया कि सुरेश कुमार का भाई सुंदर शराब कारोबार से जुड़ा है।
सुंदर ऐसे जुड़ा लॉरेंस बिश्नोई गैंग से
सूत्रों के मुताबिक सुंदर पहले गैंगस्टर संदीप उर्फ सेठी के गिरोह से जुड़ा हुआ था। सितंबर 2022 में राजस्थान के नागौर में कोर्ट परिसर के बाहर संदीप बिश्नोई की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद सुंदर का संबंध गैंगस्टर हैरी बॉक्सर से हो गया। इसी वजह से कपिल हत्याकांड के तार लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ रहे हैं।
हत्या के प्रयास सहित पांच मामले दर्ज
कपिल रेढ़ू पर हिसार के एक होटल में मारपीट, शराब ठेके पर तोड़फोड़, काला बड़ाला हत्याकांड में सिकंदर फौजी की मदद करने तथा मारपीट सहित पांच केस दर्ज हैं। एक मामला हत्या के प्रयास का भी है। पिता राजेंद्र ने बताया कि कपिल पहले जींद में ही रहता था और शरारती प्रवृत्ति का था। उसे सुधारने के उद्देश्य से हांसी स्थित नाना-नानी के पास भेजा था लेकिन यहां आने के बाद भी वह गलत संगत में पड़ गया।
. 45 बोर की पिस्तौल से की फायरिंग
जांच में पता चला है कि हमले में .45 बोर की पिस्तौल का इस्तेमाल किया गया। कम दूरी पर सटीक निशाना लगाने के लिए इसे प्रभावी हथियार माना जाता है। आमतौर पर यह पिस्तौल हर किसी के पास उपलब्ध नहीं होती।
स्टोरी 2....
अधूरी रह गई कपिल और गरीमा की प्रेम कहानी
- कपिल ने कहा था फेरे लेकर विवाह के बाद ही गरिमा को घर लाएगा
- कोर्ट मैरिज के बाद भी साथ नहीं रह पाए दोनों, परिजनों की सहमति का था इंतजार
माधव बावा
हांसी। कपिल रेढ़ू और गरिमा की प्रेम कहानी अधूरी रह गई। परिजनों ने बताया कि वह गरिमा को हमेशा भरोसा देता था कि एक दिन दोनों परिवारों की सहमति से सात फेरे लेकर धूमधाम से विवाह करेगा और फिर अपने घर लेकर आएगा। हांसी के राजकीय महाविद्यालय में पढ़ाई के दौरान कपिल और गरिमा की मुलाकात हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। वर्ष 2021 में दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली लेकिन इसके बावजूद गरिमा कपिल के साथ उसके घर नहीं आई थी। इसके पीछे वजह यह थी कि गरिमा के परिवार को इस रिश्ते पर कुछ आपत्तियां थीं। परिवार का कहना था कि पहले उसके भाई का विवाह होना चाहिए। कपिल के पिता ने भी गरिमा के परिजनों से कुछ समय मांगा था। इसी कारण गरिमा अपने मायके में ही रह रही थी। हालांकि दोनों के बीच लगातार बातचीत होती रहती थी। गरिमा सोशल मीडिया पर भी कपिल की तस्वीरें साझा करती थी। कपिल उसे आश्वस्त करता था कि परिजनों की सहमति मिलते ही वह सात फेरे लेकर विवाह के बाद उसे अपने घर ले जाएगा। कपिल के पिता राजेंद्र ने बताया कि करीब दो वर्ष पहले उनकी गरिमा के परिजनों से मुलाकात हुई थी। उस समय सभी ने आपसी सहमति से कुछ समय बाद विवाह करने का निर्णय लिया था। (संवाद)
इकलौता बेटा था, जिम खरीदकर शुरू किया कारोबार
कपिल अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। हांसी आने के बाद सबसे पहले बड़सी गेट के पास कैफे खोला। इसके बाद करीब तीन वर्ष पहले एक जिम खरीदी। पहले गर्ग अस्पताल के पास रेड जिम के नाम से संचालित किया और बाद में क्रांति चौक से कोर्ट रोड स्थित भवन में स्थानांतरित कर दिया। एक वर्ष पहले उसके माता-पिता भी हांसी आकर उसके साथ रहने लगे थे। अभी उसका परिवार शांति कॉलोनी में किराये के मकान में रह रहा है।
मां बोलीं, दिनभर काम में व्यस्त रहता था
कपिल की मां बाली गृहिणी हैं और पिता खेतीबाड़ी करते हैं। हांसी में रहने के बावजूद पिता अक्सर गांव आते-जाते रहते थे। कपिल की एक बहन है जिसका विवाह दो वर्ष पहले हो चुका है। परिजनों के अनुसार कपिल अपनी मां के काफी करीब था और उनसे हर बात साझा करता था। मां ने बताया कि पिछले कुछ समय से वह अपने कामकाज में काफी व्यस्त रहता था और दिन का अधिकांश समय जिम और अन्य कार्यों में ही बीतता था।
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पुलिस ने परिजनों को दी सुरक्षा, कबड्डी का खिलाड़ी था कपिल
पुलिस ने वारदात के कपिल के परिजनों को सुरक्षा उपलब्ध कराते हुए 24 घंटे के लिए एक गनमैन तैनात किया है। कपिल कबड्डी का खिलाड़ी भी था और ओपन कबड्डी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेता था। उसका पोस्टमार्टम शाम करीब साढ़े पांच बजे हुआ। इसके बाद पैतृक गांव दालमवाला में अंतिम संस्कार किया गया। दोपहर में बयान दर्ज करवाने के दौरान परिजनों ने सुरक्षा की मांग की और चेतावनी दी कि नहीं दी गई तो वे शव नहीं लेंगे। परिजनों ने कपिल के मामा के बेटे रविंद्र के लिए भी सुरक्षा की मांग की है। रविंद्र के अनुसार कुछ युवकों ने उन्हें बताया था कि कपिल के साथ कोई अनहोनी हो सकती है। इसकी जानकारी पुलिस को दे दी थी।
स्टोरी 4
शिखा के दाएं कंधे पर लगी गोली, एक पसली भी टूटी
- जेआरएफ की कर रही तैयारी, जिम के पास ही है घर
माई सिटी रिपोर्टर
हिसार-हांसी। हिसार के निजी अस्पताल में शिखा उपचाराधीन है। वहां पहुंचे उसके जीजा जींद निवासी सुरजीत ने बताया कि वह पाबड़ा नवोदय विद्यालय में कार्यरत हैं। सुबह जब वह स्कूल जा रहे थे तभी ससुराल पक्ष से फोन आया और उन्हें घटना की जानकारी मिली। शिखा एमएससी (गणित) पास है और जेआरएफ की तैयारी कर रही है। उसका घर जिम के पास ही है। शिखा के पिता भवन निर्माण ठेकेदार हैं। शिखा के दाएं कंधे में एक गोली लगी है जो पीठ से होते हुए आर-पार निकल गई। कंधे में लगी गोली के कारण उसकी एक पसली भी टूट गई। घटना के समय उसकी मां भी जिम के पास सड़क पर सैर कर रही थीं। फायरिंग की आवाज सुनकरउन्हें लगा कि किसी ने पटाखे चलाए हैं। बाद में गोलीबारी का पता चला तो जिम की ओर दौड़ीं। इस दौरान हमलावरों ने उनकी ओर भी हथियार तान दिया। वही बाद में शिखा को ऑटो में बैठाकर घर ले गईं। वहां से तोशाम रोड स्थित एक अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद हिसार में राजगढ़ रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
शिखा ने एक सप्ताह पहले ज्वाइन किया था जिम
गोली लगने से घायल शिखा ने वजन कम करने के उद्देश्य से करीब एक सप्ताह पहले ही जिम ज्वाइन किया था। पहले वह शाम को जिम जाती थी। वीरवार को पहली बार सुबह एक्सरसाइज और रनिंग के लिए पहुंची थी। उसके चाचा तेलूराम ने बताया कि शिखा के दाएं कंधे पर गोली लगी। शुक्र है उसकी जान बच गई।
हांसी आरोपियों की सीसीटीवी फुटेज। - फोटो : 1