दो लाख रुपये का बीमा कराने के बावजूद पीड़ित को उसका लाभ न देने पर उपभोक्ता फोरम एलआईसी को बीमे की राशि 5 हजार रुपये मुआवजे सहित पीड़ित को देने के निर्देश दिए हैं।
मामले के अनुसार उपभोक्ता फोरम को दी शिकायत में न्योली कलां गांव निवासी छावली देवी ने बताया कि उसके पति बलबीर ने 28 दिसंबर 2011 को 2 लाख रुपये की जीवन बीमा पॉलिसी कराई थी। वे इसकी किस्तें समय पर भर रहे थे। इसी बीच 14 अप्रैल 2017 को उनका देहांत हो गया। पीड़ित के अनुसार उसने बीमा राशि प्राप्त करने के लिए एलआईसी के नियमों के अनुसार कागजी कार्रवाई पूरी की। उसे कुछ राशि करीब 35-40 हजार रुपये तो दिए गए, लेकिन बाकी पैसे देने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद पीड़िता ने एलआईसी को अपने वकील के द्वारा लीगल नोटिस भी भिजवाया, लेकिन एलआईसी की तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद वह उपभोक्ता फोरम पहुंची। फोरम के अध्यक्ष रघबीर सिंह और सदस्य रजनी गोयत व तृप्ती पानू ने मामले की सुनवाई के बाद एलआईसी को निर्देश दिए कि वह पीड़िता को जो राशि पहले दी जा चुकी है, वह काटकर बीमा की पूरी राशि लौटाएं। साथ ही पांच हजार रुपये मुआवजा देने के निर्देश भी दिए। फोरम ने मूल राशि और मुआवजा राशि 45 दिनों के अंदर देने के निर्देश दिए।