हिसार। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में 10 मांगों को लेकर चल रहा क्रांतिकारी स्टूडेंट ऑग्रेनाइजेशन (केएसओ) का अनिश्चितकालीन धरना विवि प्रशासन द्वारा कुछ मांगे मानने पर बुधवार को धरना समाप्त हुआ। धरना केएसओ प्रेसिडेंट हरिकेश ढांडा के नेतृत्व में दिया जा रहा था।
हरिकेश ढांडा ने बताया कि उनकी बैठक विवि प्रशासन की कमेटी के साथ हुई थी। इसमें मांगें मानी गई हैं। इनमें में महिला छात्रावास का समय बढ़ाया गया है। मैस के खाने की गुणवत्ता को जांचने के लिए विद्यार्थियों और प्रोफेसर की कमेटी बनाने पर सहमति बनी। यह कमेटी कभी भी जाकर मैस में खाने गुणवत्ता जांच सकेगी। सुरक्षा कर्मियों के व्यवहार को लेकर भी चर्चा की गई। इसके अलावा विवि में छात्रों के लिए दो नई बसें लगाई जाएंगी। हरिकेश ने बताया कि फाइनल ईयर के ओड-इवन सेमेस्टर और यूजी-पीजी की फीस को लेकर 29 अप्रैल तक का समय विवि प्रशासन ने मांगा है।
ये रहीं मुख्य मांगें
- ओड-इवन स्कीम को बंद किया जाए तथा फाइनल ईयर के ओड सेमेस्टर और पिछले सभी सेमेस्टर में जिन छात्रों की री-अपीयर आई है उनकी परीक्षा अंतिम सेमेस्टर में होनी चाहिए ताकि विद्यार्थियों का एक साल खराब न हो।
- पीएचडी, यूजी, पीजी की फीस को अन्य शिक्षण संस्थानों के अनुसार कम किया जाए।
- भर्तियों में हो रही धांधली को रोका जाए।
- छात्रसंघ चुनाव बहाल किया जाए।
- महिला छात्रावास का बंद होने का समय बढ़ाया जाए और हॉस्टल कैंपस के अंदर के सभी गेट 24 घंटे के लिए खोले जाए।
- मैस के खाने की गुणवत्ता में सुधार किया जाए।
- विद्यार्थियों के साथ सुरक्षाकर्मियों के व्यवहार को सुधारा जाए और बुरा व्यवहार करने वाले सुरक्षाकर्मियों को बर्खास्त किया जाए।
- ओबीसी, ईडब्ल्यूएस व अन्य सामान्य वर्ग के गरीब बच्चों की फीस माफ की जाए।
- अनुसूचित जाति की तर्ज पर ओबीसी, ईडब्ल्यूएस की गरीब विद्यार्थियों को भी पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति के अनुसार पूरी फीस माफ की जाए।
- यूनिवर्सिटी के छात्रों के लिए 2 नई बसें लगाई जाए ताकि एक्सप्लोरिंग विजिट में दिक्कत न आए।